धर्मांतरणः आगरा के रहमान कुरैशी के पाकिस्तानी लिंक मिले, क्रिप्टोकरेंसी में पेमेंट मिला, डार्कवेब का मास्टर
आगरा। धर्मांतरण गैंग में शामिल आगरा के रहमान कुरैशी के पाकिस्तान से जुड़े तार अब खुलकर सामने आने लगे हैं। सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार रहमान का संपर्क पाकिस्तान के कुछ कट्टर इस्लामिक यूट्यूबर्स से था, जिनके माध्यम से वह इस्लाम के प्रचार और हिंदू युवाओं के धर्मांतरण के मिशन में जुटा हुआ था। वह पाकिस्तान प्रायोजित एजेंडे को डिजिटल माध्यम से फैलाने में मदद कर रहा था।
-आगरा पुलिस की रिमांड में लगातार खुल रहे राज, सुन्नाह नाम से खुद चलाता था धर्मांतरण उकसाने वाला यूट्यूब चैनल
'सुन्नाह' नाम से खुद चलाता था यूट्यूब चैनल
रहमान कुरैशी खुद भी 'सुन्नाह' नाम से यूट्यूब चैनल चलाता था। इस चैनल पर वह धर्मांतरण कर चुके लोगों के वीडियो पोस्ट करता था, जिसमें वे इस्लाम अपनाने के बाद 'सुखी जीवन' की झूठी तस्वीर पेश करते थे। इसका मकसद था युवाओं के मानसिक रूप से प्रभावित करना और उन्हें धीरे-धीरे धार्मिक रूप से आकर्षित करना था।
12वीं फेल लेकिन डार्कवेब और कंप्यूटर तकनीक में माहिर
कहने को तो रहमान 12वीं कक्षा भी पास नहीं कर सका, लेकिन उसकी तकनीकी जानकारी एजेंसियों को हैरान कर रही है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि वह डार्कवेब के जरिये संपर्क करता था और वर्चुअल नेटवर्किंग जैसे उन्नत तरीकों का इस्तेमाल करता था ताकि ट्रैक न हो सके।
क्रिप्टोकरेंसी के जरिए मिला फंड, विदेशी लिंक की जांच
रहमान कुरैशी को क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भी फंडिंग मिली है। एजेंसियां अब इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि रहमान को क्रिप्टो के जरिए कौन-कौन से विदेशी स्रोतों से पैसे मिले और उनका इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों में हुआ।
किरावली से उठकर आगरा में बसा, पूरा परिवार संदेह के घेरे में
रहमान मूल रूप से आगरा जिले के किरावली क्षेत्र का निवासी है, लेकिन अब वह आगरा शहर में शिफ्ट हो चुका है। उसके परिवार के अन्य सदस्य भी फिलहाल आगरा में ही रहते हैं। पुलिस उसके पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को भी खंगाल रही है।