आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास, बरेली के पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला, 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
-आरके सिंह- बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र में आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी मुनव्वर हसन मंसूरी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। विशेष लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के चलते घटना के लगभग एक वर्ष के भीतर न्यायालय ने फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी ने बताया कि पीड़िता की मां ने 23 फरवरी 2025 को थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वह और उनके पति काम पर गए हुए थे तथा घर में उनकी आठ वर्ष और पांच वर्ष की दो बेटियां अकेली थीं। इसी दौरान शिकारपुर चौधरी मोहल्ला निवासी मुनव्वर हसन मंसूरी (26) पानी मांगने के बहाने घर में घुस गया और बड़ी बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकला। कुछ देर बाद घर पहुंची मां ने आरोपी को घर से निकलते देखा। बच्ची से पूछताछ करने पर उसने पूरी घटना बताई, जिसके आधार पर थाना इज्जतनगर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5एम/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में नौ गवाह प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट (तृतीय) नम्रता अग्रवाल ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा-6 के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपने निर्णय में न्यायालय ने कहा कि दोषी का कृत्य अत्यंत गंभीर है। उसने एक मासूम बच्ची के विश्वास को ठेस पहुंचाई। उसने विश्वासघात के साथ ही बच्ची के बालमन पर गहरा आघात किया। पीड़िताओं को पूरी जिंदगी मानसिक और शारीरिक पीड़ा के साथ जीना पड़ेगा। ऐसा अपराध करने वाला व्यक्ति किसी रियायत का हकदार नहीं है।