कैंसर मरीज को इलाज के साथ काउंसलिंग भी उतनी ही जरूरी : डॉ. प्रशांत
आगरा। कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी और सर्जरी के साथ-साथ मरीजों को मानसिक और भावनात्मक सहयोग देना उतना ही आवश्यक है। काउंसलिंग और संवेदनशील वातावरण ही इलाज को प्रभावी बना सकते हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज में इंस्टिट्यूशनल हॉस्पिटल बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री कमेटी, सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज और आईसीएमआर-एनसीडीआईआर के संयुक्त तत्वावधान में ‘कैंसर रजिस्ट्री एवं स्क्रीनिंग’ विषय पर सीएमई का आयोजन हुआ।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए समर्पित वातावरण और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार हेल्थ वर्करों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने प्रिवेंशन और अवेयरनेस पर भी जोर दिया।
कैंसर रजिस्ट्री और स्क्रीनिंग की अहमियत
मुख्य अतिथि आईसीएमआर, बेंगलुरु से आए डॉ. गोकुल एस ने कैंसर रजिस्ट्री की आवश्यकता और इसकी महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आईसीडी कोडिंग की तकनीकी जानकारी भी साझा की।
कम्युनिटी मेडिसिन की सह-आचार्य डॉ. गीतू सिंह ने कैंसर के बदलते आंकड़े और उसके नए रुझान प्रस्तुत किए। वहीं पैथोलॉजी विभाग की डॉ. पूजा अग्रवाल ने ओरल कैंसर स्क्रीनिंग पर व्याख्यान दिया।
पैनल डिस्कशन : प्राथमिक से तृतीयक केंद्र तक की खाई को पाटना
नाक-कान-गला विभाग के डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने पैनल डिस्कशन का संचालन किया, जिसका विषय था- ब्रिजिंग द गैप फ्रॉम प्राइमरी टू टर्शरी सेंटर।
पैनल में डॉ. सरीना अग्रवाल, डॉ. सोनिया भट्ट, डॉ. वरुण अग्रवाल, डॉ. गोकुल एस, डॉ. गीतू सिंह और डॉ. सुरभि गुप्ता ने भाग लिया।
मानसिक स्वास्थ्य और स्क्रीनिंग पर खास जोर
मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल सिन्हा ने टोबैको सेसेशन पर जानकारी दी, जबकि सर्जरी विभाग की डॉ. जूही सिंघल ने ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग को सरल भाषा में समझाया।
रेडिएशन ऑनकोलॉजी की डॉ. सुरभि गुप्ता ने सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग के लेटेस्ट अपडेट्स साझा किए। उन्होंने बताया कि 25–65 वर्ष की महिलाओं को नियमित अंतराल पर एचपीवी टेस्टिंग और पैप स्मीयर कराना चाहिए।
बड़ी भागीदारी और धन्यवाद ज्ञापन
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि हर हेल्थ वर्कर को स्क्रीनिंग और अवेयरनेस पर काम करना चाहिए।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पीजी स्टूडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ और नर्सिंग स्टूडेंट्स ने भाग लिया। अंत में डॉ. सुरभि गुप्ता, डॉ. अखिल प्रताप सिंह और डॉ. गीतू सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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