आगरा में हस्तशिल्पियों को मिला नया मंच, विदेशियों ने भी दिखाया अपनापन: दस दिनी हस्तशिल्प मेला संपन्न
आगरा। कला, संस्कृति और कारीगरी के शानदार संगम वाली 10 दिवसीय हस्तशिल्पी प्रदर्शनी का समापन सदर बाजार स्थित क्वीन इंप्रेस मैरी लाइब्रेरी में हुआ, जहां न सिर्फ आगरावासियों ने बल्कि विदेशियों ने भी भारतीय हस्तकला को जी भरकर सराहा और लाखों की खरीदारी कर हस्तशिल्पियों का उत्साह बढ़ाया।
वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) और हस्तशिल्प सेवा केंद्र आगरा द्वारा आगरा जरी जरदोजी कार्य निर्माता कंपनी के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य रहा- जन जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय तथा अन्य राज्यों के हस्तशिल्पियों को मंच देना।
20 शिल्पकारों की अलग पहचान: देशभर की कला का अनोखा मेला
प्रदर्शनी में हरिद्वार, एटा, कन्नौज, बरेली, फिरोजाबाद, बनारस, असम, आगरा और आसपास के क्षेत्रों से आए 20 हस्तशिल्पियों ने अपनी अनूठी कलाओं से सबका मन मोह लिया। प्रमुख कलाओं और उत्पादों में शामिल रहे- सांझी कला, तारकशी, हाथ थप्पा छपाई, मधुबनी पेंटिंग, गोंड आर्ट, घास की पत्तियों और फसल अवशेष से दैनिक उपयोग की वस्तुएं, असम की रेशम साड़ी, बनारसी साड़ी, हरिद्वार के शॉल और जैकेट, एटा की हैंड ब्लॉक पेंटिंग और आर्टिफिशियल ज्वेलरी, कन्नौज की अगरबत्ती और संगमरमर पर पच्चीकारी और आगरा की प्रसिद्ध जरी-जरदोजी।
विदेशी पर्यटकों ने खासतौर पर भारतीय हस्तकला की गहराई और विविधता की प्रशंसा की और खरीदारी कर लोकल को ग्लोबल अपनाने की मिसाल पेश की।
उत्साह और सम्मान से भरा समापन: हस्तशिल्पियों के चेहरे खिल उठे
प्रदर्शनी के समापन समारोह में आयोजक ब्रजमोहन शर्मा द्वारा सभी हस्तशिल्पियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करते हुए कारीगरों के चेहरे पर आत्मविश्वास और संतोष झलक रहा था।
हस्तशिल्पियों ने एक स्वर में यह कहा कि यह प्रदर्शनी सिर्फ एक बाजार नहीं थी, बल्कि हमारी कला को पहचान देने का प्रयास है। वस्त्र मंत्रालय और जरी जरदोजी निर्माता कंपनी ने हमें वह मंच दिया, जिसके हम लंबे समय से इच्छुक थे।
इस आयोजन को सफल बनाने में पूर्व राज्य मंत्री देवेंद्र कुमार चिल्लू, जॉन मिल्टन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रबंध निदेशक विनोद बंसल,
राजेंद्र प्रसाद, सुमित शर्मा, ममता दुबे, अभिषेक भारद्वाज, दिव्या सिंह, आशा देवी, धीरज कुमार, शालिनी शर्मा और आकाश सहित कई सामाजिक और प्रशासनिक व्यक्तित्व मौजूद रहे।