आगरा कैंट स्टेशन प्लेटफॉर्म पर गूंजी नवजीवन की किलकारी, महिला पुलिस ने कराया सुरक्षित प्रसव
आगरा। मानवता और कर्तव्य के संगम का दिल छू लेने वाला नज़ारा मंगलवार को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। स्टेशन परिसर में प्रसव पीड़ा से कराह रही एक गर्भवती महिला की महिला पुलिसकर्मियों और आरपीएफ टीम ने न केवल मदद की बल्कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर ही सुरक्षित डिलीवरी कराकर नवजीवन को जन्म दिया।
रेल से यात्रा के लिए प्लेटफॊर्म पर मौजूद एक महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। यह महिला प्रसव पीड़ा से बहुत तड़प रही थी। यह देख महिला हेड कांस्टेबल कुसुमलता और आरपीएफ एसआई गुलशन ने बिना समय गंवाए मानवीय संवेदना का अद्भुत परिचय देते हुए कंबल बिछाकर प्लेटफॉर्म पर प्रसव की व्यवस्था की। कुछ ही मिनटों में महिला ने एक नन्ही बच्ची को जन्म दिया और रेलवे स्टेशन पर गूंज उठी नवजात की पहली किलकारी। मौके पर मौजूद यात्रियों और रेलवेकर्मियों ने इस दृश्य को देखकर भावुकता से तालियां बजाईं।
सूचना मिलते ही रेलवे के डॉक्टर धीरज गुप्ता अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और महिला व नवजात को प्राथमिक चिकित्सा सहायता दी। इसके बाद महिला कांस्टेबल मीना खातून ने बच्ची को अपनी गोद में लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को पूरी तरह सुरक्षित बताया।
परिवार ने महिला पुलिसकर्मियों को देवदूत करार देते हुए कहा कि अगर महिला पुलिसकर्मियों ने समय पर मदद न की होती, तो शायद हमारी बेटी आज सुरक्षित न होती। वे हमारे लिए भगवान के समान हैं। इस घटना के बाद थाना जीआरपी और आरपीएफ आगरा कैंट की टीम की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है।
पुलिस अधीक्षक रेलवे, आगरा ने भी महिला पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता, तत्परता और मानवता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हमारी वर्दी की असली पहचान है, जहां ड्यूटी और दया एक साथ चलती हैं। महिला कर्मियों ने जिस साहस और संवेदना से कार्य किया, वह प्रेरणादायक है।