क्रिप्टो के नाम पर करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश, 6 राज्यों में फैला जाल, दो मास्टरमाइंड दबोचे गए
आगरा। क्रिप्टोकरेंसी में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले संगठित गैंग का साइबर क्राइम टीम ने भंडाफोड़ किया है। एडीसीपी क्राइम के नेतृत्व में की गई इस बड़ी कार्रवाई में गैंग के दो मुख्य मास्टरमाइंड विनय और विनोद को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के 6 राज्यों में सक्रिय था और अब तक 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दे चुका है।
आगरा। क्रिप्टोकरेंसी में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले संगठित गैंग का साइबर क्राइम टीम ने भंडाफोड़ किया है। एडीसीपी क्राइम के नेतृत्व में की गई इस बड़ी कार्रवाई में गैंग के दो मुख्य मास्टरमाइंड विनय और विनोद को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के 6 राज्यों में सक्रिय था और अब तक 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दे चुका है।
सेमिनार से जाल, निवेश से लूट
गैंग का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी देशभर में बड़े-बड़े सेमिनार और प्रेजेंटेशन आयोजित करते थे, जहां आम लोगों को क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट में तेज और गारंटीड रिटर्न का लालच दिया जाता था। भोले-भाले निवेशकों को भरोसे में लेकर उनसे मोटी रकम निवेश करवाई जाती और कुछ समय बाद आरोपी फरार हो जाते।
पुराने अपराधी भी शामिल
गिरफ्तार आरोपी विनोद पर पहले से ही बागपत में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, गैंग का एक अन्य सदस्य पहले भी इसी तरह के मामले में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, इस ठगी का प्लान 2018 में बनाया गया था और तभी से यह गिरोह लगातार लोगों को निशाना बना रहा था।
विदेशी निवेश और मनी ट्रेल की जांच
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ठगी से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल विदेशों में निवेश के लिए किया गया। फिलहाल साइबर क्राइम टीम मनी ट्रेल, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की गहन जांच में जुटी है। कई खातों को फ्रीज किया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं। आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी तरह के गारंटीड रिटर्न या तेज मुनाफे के झांसे में न आएं और निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।