हरियाली में सजी संस्कृति: सावन की फुहारों संग खिला नारी मन का उत्सव
आगरा। सावन की रिमझिम फुहारों के बीच तीज महोत्सव की हरियाली ने जब साहित्य और संस्कृति को साथ पिरोया, तो नारी शक्ति के उल्लास और गरिमा से शहर दो रंगों में रंग उठा। नागरी प्रचारिणी सभा में साहित्य साधिका समिति और वजीरपुरा स्थित प्राचीन सीताराम मंदिर में महिला समिति द्वारा आयोजित तीज उत्सवों में जहां एक ओर सृजनशील नारी मन सम्मानित हुआ, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने हर मन को झूमा दिया।
'गाथा पंचकन्या' की रचनाकार रेनू 'अंशुल' को मिला सारस्वत सम्मान
नागरी प्रचारिणी सभा परिसर में सोमवार को साहित्य साधिका समिति द्वारा हरियाली तीज उत्सव का भव्य आयोजन हुआ। हरे परिधानों में सजी साहित्य साधिकाओं ने सावन की हरियाली को जीवंत किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. यशोधरा यादव ‘यशो’ ने सावन की अनुभूति इन शब्दों में पिरोई – ‘आया मनभावन सावन, शिव शक्ति का है अर्चन। हरियाली चहुं ओर बिछी, आनंदित मन का आंगन..’
इस अवसर पर 'गाथा पंचकन्या' उपन्यास की लेखिका वरिष्ठ साहित्यकार रेनू 'अंशुल' को सारस्वत सम्मान से विभूषित किया गया। उनके सहधर्मी अंशुल अग्रवाल को भी सम्मानित किया गया। डॉ. रेखा कक्कड़ ने रचनाकार का परिचय प्रस्तुत किया। सरस्वती वंदना संगीता अग्रवाल द्वारा और संचालन यशोधरा यादव ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. सुषमा सिंह, रमा वर्मा 'श्याम', कमलेश त्रिवेदी, डॉ. मधु भारद्वाज, डॉ. नीलम भटनागर, राज फौजदार, माया अशोक, विजया तिवारी, सुमन शुक्ला, डॉ. मंजू स्वाती, डॉ. अलका चौधरी आदि की प्रमुख सहभागिता रही।
प्राचीन मंदिर में सजी राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती की सांस्कृतिक झलक
वहीं दूसरी ओर वजीरपुरा स्थित प्राचीन श्री सीताराम मंदिर में महिला समिति द्वारा हरियाली तीज महोत्सव की रंगारंग छटा बिखरी। मंदिर परिसर को झूलों और हरित सजावट से श्रृंगारित किया गया था। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीतों व मल्हारों पर झूमते हुए उत्सव का आनंद लिया।
राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती के जीवंत स्वरूपों की प्रस्तुतियों ने भावविभोर कर दिया। इस आयोजन में प्रभा शर्मा, ममता उपाध्याय, सुजाता अग्रवाल, मीरा बघेल, लता उपाध्याय, मोहिनी, वंदना उपाध्याय, यशोदा पाल, तनु मिश्र, पूजा मिश्रा आदि ने सहभागिता निभाई।
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