संस्कार ही वह चमत्कार जो बच्चों को सही दिशा दिखाता है
आगरा। बाह के चौरंगा बीहड़ गांव के बजरंग आश्रम में आज श्रीमद्भागवत कथा में प्रथम दिन आचार्य देवकी नंदन ठाकुर ने श्रीमदभागवत कथा के माहात्मय व गौकर्ण व धुंधकारी की कथा के माध्यम से आज युवा पीढ़ी को संस्कारित करने के लिए अभिभावकों को प्रोत्साहित किया। कहा कि कोई टोना-टोटका नहीं, सिर्फ संस्कार ही वह चमत्कार है जो आपके बच्चों को सही दिशा प्रदान कर सकते हैं।
-बाह में चौरंगा बीहड़ के बजरंग आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने दिया संस्कारों पर जोर
समाज और युवाओं को संस्कारित करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मैं वो बात नहीं करूंगा जो आपको अच्छी लगे, लेकिन वो बात जरूर करूंगा जो आपके लिए अच्छी होगी, बेशक कड़वी हो। कहा कि यह कलयुग का प्रभाव है कि आज शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षण संस्थानों में फिल्मी गानों पर नाच गाना होगा है। विवाह जैसे पवित्र यज्ञ में मदिरा का सेवन हो रहा है। यह हमारे देश का चरित्र नहीं है। डिग्री लेने से कोई व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं बन जाता। संस्कार और विचार ही व्यक्ति को पढ़ा-लिखा बनाते हैं, इसलिए बच्चों को पढ़ाने के साथ संस्कारवान भी बनाइए।
कथा विश्राम पर आरती कर सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अरुण चतुर्वेदी, पवन चतुर्वेदी, दीपक शर्मा, कृपाशंकर दीक्षित, अनुपम मिश्रा, वीरेन्द्र चतुर्वेदी, अवधेश, राजेश, नरेश, हरिओम पंकज, पवन, राघव आदि उपस्थित थे।
सनातन बोर्ड की मांग रखेंगे संसद में सांसद राजकुमार चाहर
आगरा। कथा में उपस्थित सांसद राजकुमार चाहर ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि वह आचार्य देवकी नन्दन ठाकुर की सनातन बोर्ड गठित करने की मांग को संसद के शून्य काल में उठाएंगे। पूरा प्रयास करेंगे कि सनातन बोर्ड का गठन जल्दी से जल्दी किया जाए। उन्हेंने श्रद्धालुओं से 9927300037 नम्बर पर मिस्ड कॉल देकर सनातन बोर्ड का समर्थन करने का आग्रह भी किया।
कलश यात्रा में शामिल थीं दो हजार महिलाएं
बाह। कथा प्रारम्भ होने से पूर्व प्रातः लक्ष्मी नारायण यज्ञ व मंगल कलश यात्रा का आयोजन भक्ति भाव के साथ किया गया। कथा स्थल बाह के चौरंगा बीहड़ गांव के बजरंग आश्रम से प्रारम्भ कलश यात्रा ने बाह क्षेत्र में भ्रमण करते हुए कथा स्थल पर ही विराम लिया। लगभग दो हजार महिलाएं सिर पर मंगल कलश व श्रीफल के साथ यात्रा में चलीं। जगह-जगह कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।