बरेली से जारी सिम से विदेशों में बैठे साइबर ठग भारत के लोगों को बना रहे थे निशाना, दस एजेंटों पर रिपोर्ट दर्ज
-रमेश कुमार सिंह- बरेली। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में बैठे साइबर अपराधियों द्वारा भारत में ठगी के लिए बरेली से जारी किए गए सिम कार्डों के इस्तेमाल का बड़ा खुलासा हुआ है। इस गंभीर इनपुट के बाद बरेली पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड बेचने वाले दस पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) एजेंटों को चिह्नित किया है। इनके खिलाफ जिले के पांच थानों में प्राथमिकी दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विदेशों में साइबर ठगी और ‘साइबर स्लेवरी’ में हो रहा था इस्तेमाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि बरेली से चालू कराए गए कुछ सिम कार्ड कंबोडिया, म्यांमार और लाओस जैसे देशों में संचालित साइबर ठगी और तथाकथित साइबर स्लेवरी नेटवर्क में प्रयुक्त हो रहे थे। इन सिमों के जरिए भारत के लोगों को निशाना बनाया जा रहा था।
I4C के इनपुट पर चला पांच दिन का विशेष अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से प्राप्त पीओएस एजेंटों की सूची के आधार पर 05 से 20 दिसंबर 2025 तक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का संचालन सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हाईवे शिवम आशुतोष के पर्यवेक्षण में साइबर सेल द्वारा किया गया।
फर्जी दस्तावेजों पर जारी हुए सिम
जांच में पाया गया कि संबंधित एजेंटों ने फर्जी या संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी किए। I4C से रिपोर्ट मिलने के बाद थाना पुलिस ने गहन जांच की, जिसमें सिमों की अवैध बिक्री और दुरुपयोग की पुष्टि हुई।
इस मामले में बरेली जिले के पांच थानों में प्राथमिकी दर्ज हुई हैं। प्रेम नगर थाना में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अशोक (निवासी साईधाम कॉलोनी, कर्मचारी नगर, इज्जतनगर) के खिलाफ रिपोर्ट हुई है। बारादरी थाना में आशीष (रायल पार्क), हरवेंद्र सिंह, राज अग्रवाल, अनमोल रत्न, सुभाष चंद्र और कृष्णकांत के विरुद्ध धारा 420 आईपीसी व 66D आईटी एक्ट में रिपोर्ट लिखी गई है। फरीदपुर थाना में सैदपुर निवासी सचिन कुमार के खिलाफ धारा 66D आईटी एक्ट, बिथरी चैनपुर थाना में खजुरिया संपत निवासी हरिशंकर के विरुद्ध धारा 420 आईपीसी व 66D आईटी एक्ट और क्योलड़िया थाना में रवि पुत्र मनोहर व उमेश पुत्र मनोहर (निवासी क्योलड़िया) के खिलाफ धारा 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ है।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध पर रोक के लिए कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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