साइबर फ्रॉड के शातिर गैंग का भंडाफोड़: दो गिरफ्तार, 2.85 करोड़ की ठगी में दिल्ली-मुंबई तक जुड़े तार
आगरा। साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग ने देशभर में अब तक 2.85 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। पुलिस के मुताबिक गैंग का सरगना हैदर और उसका साथी अब्दुल कादिर फिलहाल सलाखों के पीछे हैं, जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं।
दुकान से शुरू हुई साजिश, बैंक अकाउंट से करोड़ों की हेराफेरी
अर्जुन नगर निवासी युवक की शिकायत पर इस खुलासे की शुरुआत हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार वह अपने जीजा हैदर के साथ बिरयानी की दुकान चलाता था। दुकान पर अक्सर आने वाले तीन युवक – हनी, मनी और अमन त्रिवेदी महंगे सामानों और ऐशो-आराम की बातें करते थे। बातचीत में उन्होंने खुद को साइबर ठग बताया और शिकायतकर्ता को भी इस काम में शामिल होने का ऑफर दिया।
जब युवक ने मना किया, तो उसके जीजा हैदर ने चोरी-छिपे अपना बैंक अकाउंट गिरोह को सौंप दिया। कुछ समय बाद ठगों ने युवक को धमकी दी कि हैदर उनके रुपए लेकर भाग गया है और उसकी भरपाई उसे ही करनी होगी। भयभीत युवक ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
लैपटॉप में मिला ‘टास्क और टारगेट’ फोल्डर, दिल्ली-मुंबई से जुड़े लिंक
पुलिस ने हैदर और अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर उनके पास से एक लैपटॉप बरामद किया है। जांच में लैपटॉप से ‘कंपलीट टास्क’ और ‘टारगेट’ नाम के दो फोल्डर मिले हैं। ‘कंपलीट टास्क’ में ठगे गए लोगों की जानकारी और ‘टारगेट’ में अगला शिकार बनने वाले लोगों की लिस्ट मिली है।
गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि ठगी की रकम हैदर के बंधन बैंक अकाउंट में जमा करवाई जाती थी और फिर सबके बीच बांट दी जाती थी।
दिल्ली, गुरुग्राम, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद में दर्ज हैं केस
जब पुलिस ने हैदर के खाते की जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उसके खाते से जुड़े केस दिल्ली साइबर सेल, साइबर वेस्ट गुरुग्राम, बैंगलोर सिटी थाना, साइबर नार्थ मुंबई और हैदराबाद साइबर थाने में दर्ज पाए गए। पुलिस अब इन राज्यों से समन्वय बनाकर पूरे नेटवर्क को उजागर करने की तैयारी में है।