आगरा में साइबर सुरक्षा कार्यशाला- वरिष्ठ नागरिक किसी भी अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें,  बगैर जांच किसी निवेश योजना में धन न लगाएं, मोबाइल में अनधिकृत ऐप या एपीके फाइल डाउनलोड न करें

आगरा। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आई सर्व खुशियों के पल संस्था द्वारा देव नगर स्थित संस्था कार्यालय पर एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने सहभागिता की।

Jan 25, 2026 - 21:27
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आगरा में साइबर सुरक्षा कार्यशाला- वरिष्ठ नागरिक किसी भी अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें,  बगैर जांच किसी निवेश योजना में धन न लगाएं, मोबाइल में अनधिकृत ऐप या एपीके फाइल डाउनलोड न करें
देवनगर में आई सर्व खुशियों के पल संस्था द्वारा रविवार को आयोजित की गई साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला में वरिष्ठ नागरिकों को ठगी से बचने के उपाय बताते साइबर थाने के सब इंसपेक्टर।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता साइबर क्राइम थाने के सब इंस्पेक्टर भगवान सिंह रहे। उनके साथ साइबर क्राइम टीम के सब इंस्पेक्टर शशांक कौशल, सब इंस्पेक्टर नीतू तोमर, सब इंस्पेक्टर निशांत ढाका एवं अभिषेक कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए संस्था के प्रबंधक अनुराग जैन ने कहा कि आज का समय पूरी तरह डिजिटल हो चुका है। ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ ही साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक, जिनकी तकनीकी जानकारी सीमित होती है, साइबर ठगों के आसान निशाने बनते जा रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

मुख्य वक्ता सब इंस्पेक्टर भगवान सिंह ने वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान समय में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, एपीके फ्रॉड, सिम स्वैप, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक के जरिए आर्थिक ठगी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती, न ही पुलिस या बैंक कभी ओटीपी, पिन अथवा व्यक्तिगत जानकारी मांगते हैं।

उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को सलाह दी कि किसी भी अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें, बिना पूरी जांच-पड़ताल के किसी निवेश योजना में धन न लगाएं, मोबाइल में अनधिकृत ऐप या एपीके फाइल डाउनलोड न करें और अपने बैंकिंग विवरण व ओटीपी को पूर्णतः गोपनीय रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराएं।

कार्यशाला के दौरान वास्तविक साइबर ठगी के उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि किस प्रकार ठग लालच, भय और भरोसे का सहारा लेकर लोगों को जाल में फंसाते हैं। वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने अनुभव और सवाल साझा किए, जिनका साइबर क्राइम टीम ने सरल, व्यावहारिक और सहज भाषा में समाधान प्रस्तुत किया। कार्यशाला ने उपस्थितजनों को न केवल सतर्क किया, बल्कि डिजिटल दुनिया में आत्मविश्वास के साथ सुरक्षित रहने का मार्ग भी दिखाया।

SP_Singh AURGURU Editor