वैश्विक मानक पर खरा उतरा दयालबाग डीम्ड विश्वविद्यालय— ISO 21001:2018 प्रमाणन से शिक्षा गुणवत्ता को मिली अंतरराष्ट्रीय मुहर

आगरा। दयालबाग शैक्षिक संस्थान (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय), आगरा ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ISO 21001:2018 प्रमाणन प्राप्त कर लिया है। यह अंतरराष्ट्रीय मानक शैक्षिक संस्थानों के प्रबंधन तंत्र (ईओएमएस) के लिए निर्धारित किया गया है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी प्रशासन और शिक्षार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण की वैश्विक कसौटी माना जाता है।

Apr 7, 2026 - 18:01
Apr 7, 2026 - 18:02
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वैश्विक मानक पर खरा उतरा दयालबाग डीम्ड विश्वविद्यालय— ISO 21001:2018 प्रमाणन से शिक्षा गुणवत्ता को मिली अंतरराष्ट्रीय मुहर

गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्कृष्टता का मिला वैश्विक प्रमाण

ISO 21001:2018 प्रमाणन यह स्पष्ट करता है कि संस्थान न केवल उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि अपने शैक्षणिक, प्रशासनिक और प्रबंधन ढांचे में निरंतर सुधार की दिशा में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। यह मानक समावेशिता, सुलभता, प्रभावी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और हितधारकों की संतुष्टि को प्राथमिकता देता है।

परिणाम-आधारित शिक्षा और सतत सुधार की मजबूत नींव

यह वैश्विक मानक संस्थानों को परिणाम-आधारित शिक्षा, व्यवस्थित मूल्यांकन और संस्थागत प्रदर्शन में निरंतर उन्नयन के लिए एक सशक्त ढांचा भी प्रदान करता है। दयालबाग संस्थान ने इन सभी पहलुओं को अपनाकर अपनी शिक्षा प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप स्थापित किया है।

भारत के चुनिंदा संस्थानों में हुआ शामिल

इस उपलब्धि के साथ दयालबाग शैक्षिक संस्थान देश के उन चुनिंदा संस्थानों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिन्होंने ISO 21001:2018 जैसे वैश्विक मानक को सफलतापूर्वक लागू किया है। इससे संस्थान की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साख और अधिक मजबूत हुई है।

संस्थान के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. सौरभ मणि ने कहा है कि यह प्रमाणन संस्थान की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करेगा तथा गुणवत्ता सुधार की संस्कृति को नई दिशा देगा। उनके अनुसार, ISO 21001:2018 के तहत विकसित संरचित प्रणाली शिक्षण-अधिगम और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बेहतर मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

निदेशक ने दी बधाई, बताया सामूहिक प्रयास का परिणाम

संस्थान के निदेशक प्रो. सी. पाटवर्धन ने इस उपलब्धि पर सभी संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता दयालबाग परिवार के अनुशासन, समर्पण और सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने इसे शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक दायित्वों में उत्कृष्टता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

निदेशक ने स्पष्ट किया कि संस्थान भविष्य में भी नवाचार को अपनाते हुए अपनी शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और मजबूत करेगा तथा उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे

यह उपलब्धि न केवल हितधारकों के विश्वास को मजबूत करेगी, बल्कि संस्थान के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर भी खोलेगी। यह दयालबाग की उस सतत यात्रा का अहम पड़ाव है, जिसके माध्यम से वह वैश्विक स्तर पर गुणवत्ता, नैतिकता और समग्र शिक्षा की पहचान बना रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor