आतंकवाद की घातक साज़िश फूटी: यूपी के रामपुर का फैजान शेख गुजरात एटीएस के शिकंजे में, लक्षित हत्याओं की तैयारी में था
नवसारी/अहमदाबाद। गुजरात एंटी टेररिज़्म स्क्वाड (एटीएस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी फैजान शेख को आतंकी साज़िश और लक्षित हत्याओं की योजना के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी नवसारी जिले से की गई, जहां फैजान पिछले कुछ वर्षों से रह रहा था। जांच में सामने आया है कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अल-कायदा की कट्टर विचारधारा से प्रभावित था और सोशल मीडिया व ऑनलाइन नेटवर्क के माध्यम से हिंसक मंसूबों को आगे बढ़ा रहा था।
गुजरात एटीएस से मिले इनपुट के बाद उत्तर प्रदेश की रामपुर पुलिस और यूपी एटीएस भी फैजान शेख के बारे में जानकारी जुटाने में जुट गई हैं।
एटीएस ने 25 जनवरी 2026 को चारपुल, नवसारी इलाके से 22 वर्षीय फैजान शेख को दबोचा। वह मूल रूप से रामपुर के दुंदावाला, नरपत नगर का रहने वाला है। एजेंसियों के अनुसार, फैजान पर आतंकी साज़िश रचने, हथियार जुटाने और चुनिंदा लोगों की हत्या की तैयारी करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि फैजान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए जिहादी प्रचार से प्रभावित हुआ और उसने आतंकी नेटवर्क से संपर्क बनाए रखा। उसके डिजिटल उपकरणों से चरमपंथी सामग्री, उकसाने वाले संदेश और हिंसा भड़काने वाले पोस्ट मिले हैं। एजेंसियां इस डिजिटल नेटवर्क की गहराई से फॉरेंसिक जांच कर रही हैं।
हथियार बरामद, साज़िश के ठोस संकेत
गिरफ्तारी के वक्त फैजान के पास से एक पिस्टल और छह कारतूस बरामद हुए। जांच में संकेत मिले हैं कि वह लक्षित हत्याओं को अंजाम देने की तैयारी में था। सूत्रों के मुताबिक, हिंदूवादियों को निशाना बनाने की योजना पर काम चल रहा था। एटीएस ने उन लोगों को भी सतर्क किया है, जिनकी हत्या की तैयारी में फैजान था।
सोशल मीडिया नेटवर्क पर पैनी नजर
मोबाइल और ऑनलाइन खातों के विश्लेषण से सामने आया है कि फैजान चरमपंथी कंटेंट का प्रसार करता था और ऑपरेशनल सामग्री अपने पास रखता था। गुजरात एटीएस यह भी खंगाल रही है कि क्या उसके साथ अन्य सहयोगी या स्लीपर नेटवर्क सक्रिय थे।
गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है और संबंधित इलाकों में निगरानी तेज कर दी गई है। एटीएस का कहना है कि यह कार्रवाई एक बड़े आतंकी हमले को समय रहते नाकाम करने के बराबर है। आगे की जांच से पूरे नेटवर्क और फंडिंग लिंक उजागर होने की उम्मीद है।
रामपुर में फैजान के परिवार और उसके संपर्कों पर भी खुफिया निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि साज़िश के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं था।