लाशों का सौदा : बरेली में पुलिस–मोर्चरी कर्मी का घिनौना कारोबार उजागर, सिपाही निलंबित

-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जिला अस्पताल की मोर्चरी से लावारिस लाशों को मेडिकल कॉलेजों में बेचने का घिनौना खेल उजागर हुआ है। इस अवैध कारोबार में पुलिस का सिपाही और पोस्टमार्टम हाउस का कर्मचारी शामिल पाया गया। सोशल मीडिया पर सौदेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सिपाही को निलंबित कर दिया गया है जबकि ठेका कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

Sep 12, 2025 - 14:18
Sep 12, 2025 - 14:53
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लाशों का सौदा : बरेली में पुलिस–मोर्चरी कर्मी का घिनौना कारोबार उजागर, सिपाही निलंबित

वायरल वीडियो ने खोला घोटाला

11 सितम्बर को सोशल मीडिया पर ‘यूपी में लाशों का सौदा, कैमरे में कैद हुई डील’ शीर्षक से वीडियो सामने आया। इसमें बरेली कोतवाली में तैनात सिपाही नरेंद्र प्रताप सिंह और पोस्टमार्टम हाउस का ठेका कर्मचारी सुनील सौदेबाजी करते दिखे। वीडियो में सिपाही कहता है- ‘कमाना सभी को है, हमें ऊपर थाना प्रभारी साहब से बात करनी पड़ेगी।‘  वहीं, सुनील कैमरे पर स्वीकार करता नजर आया कि वह अब तक कई लाशें बेच चुका है। उसका दावा था कि 40 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक में लाशें मेडिकल कॉलेजों को दी जाती हैं और कभी–कभी एक महीने में 30 से 40 लाशें तक निकल जाती हैं।

नियम के विरुद्ध लाशों की बिक्री

नियम के अनुसार लावारिस लाशों का 72 घंटे के भीतर अंतिम संस्कार कर दिया जाना चाहिए, लेकिन आरोप है कि मोर्चरी के कर्मचारी और पुलिस मिलकर कागज़ों में फर्जी अंतिम संस्कार दिखाते, उस पर मिलने वाला खर्च हड़प लेते और शवों को कॉलेजों में बेचकर मोटी कमाई करते।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने तत्काल प्रभाव से सिपाही नरेंद्र प्रताप को निलंबित कर दिया। वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने मोर्चरी में तैनात ठेका कर्मचारी सुनील की सेवा समाप्त कर दी है।

जांच कमेटी गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। इसमें पुलिस विभाग से पुलिस अधीक्षक नगर और एलआईयू क्षेत्राधिकारी, तथा स्वास्थ्य विभाग से उप मुख्य चिकित्साधिकारी शामिल हैं। यह समिति शुक्रवार से ही जांच–पड़ताल में जुट गई है।

जांच अधिकारियों को आशंका है कि इस गोरखधंधे में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। वीडियो में सुनील का यह दावा सामने आया है कि बरेली ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों से भी शवों की आपूर्ति की जाती रही है।

SP_Singh AURGURU Editor