चार्जशीट से नाम हटाने के नाम पर ‘डील’, फतेहपुर सीकरी थाने के एसएसआई का कथित ऑडियो वायरल
आगरा के फतेहपुर सीकरी थाने में तैनात एसएसआई विपिन कुमार का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वायरल ऑडियो में चार्जशीट से नाम हटाने के बदले 9 हजार रुपये लेने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि पैसे लेने के बावजूद नाम नहीं हटाया गया। इससे पहले भी आगरा देहात क्षेत्र के दो पुलिसकर्मियों के रिश्वत लेने के ऑडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें निलंबन और जांच चल रही है। अब इस नए ऑडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देहात क्षेत्र में फिर उठे पुलिस की साख पर सवाल, पहले भी दो पुलिसकर्मियों के रिश्वत कांड के ऑडियो हो चुके हैं वायरल
आगरा। आगरा के देहात थाना क्षेत्र में एक बार फिर पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार मामला फतेहपुर सीकरी थाने से जुड़ा है, जहां तैनात एसएसआई (सीनियर सब-इंस्पेक्टर) विपिन कुमार का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो ने पुलिस विभाग में खलबली मचा दी है और आमजन के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि वायरल ऑडियो में फतेहपुर सीकरी थाने के एसएसआई और एक व्यक्ति के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। यह बातचीत कथित तौर पर चार्जशीट में दर्ज एक नाम हटवाने को लेकर हुई बताई जा रही है। ऑडियो के सामने आने के बाद यह मामला बेहद संवेदनशील हो गया है, क्योंकि इसमें पुलिस की निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब चार्जशीट में से एक नाम हटाने के एवज में कथित तौर पर 9 हजार रुपये लेने की बात सामने आई। आरोप यह है कि पैसे लेने के बावजूद संबंधित व्यक्ति का नाम चार्जशीट से नहीं हटाया गया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह ऑडियो उसी कथित लेनदेन और बातचीत से जुड़ा बताया जा रहा है।
वायरल ऑडियो के कुछ अंश ऐसे बताए जा रहे हैं, जो पुलिस की कार्यप्रणाली, जांच प्रक्रिया और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि, इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन जिस तेजी से यह ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, उसने पुलिस प्रशासन को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है।
यह मामला इसलिए भी ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी आगरा देहात क्षेत्र के दो पुलिसकर्मियों के रिश्वत लेने के कथित ऑडियो वायरल हो चुके हैं। उन मामलों में संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई थी। ऐसे में लगातार सामने आ रहे इस तरह के मामलों ने पुलिस विभाग की साख और आंतरिक अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फतेहपुर सीकरी थाने से जुड़े इस नए वायरल ऑडियो ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या कुछ पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों से भटककर कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि वायरल ऑडियो की पुष्टि होती है, तो यह मामला विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस की छवि पर भी बड़ा असर डाल सकता है।
फिलहाल, सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या वायरल ऑडियो की जांच कर कोई ठोस कार्रवाई की जाती है।