मौत दस्तक दे चुकी थी, डॉक्टर ने सीपीआर देकर लौटा ली धड़कनें, मामला हार्ट अटैक का था
आगरा। शाहगंज क्षेत्र स्थित डॉ. हिमांशु यादव के क्लिनिक में विगत दिवस एक चमत्कार सरीखा दृश्य देखने को मिला, जब एक 75 वर्षीय बुजुर्ग मरीज को डॉक्टर के सामने ही तीव्र ह्रदयाघात हुआ। डॉक्टर ने तुरंत सीपीआर देकर मरीज की जान बचा ली। पूरी घटना क्लिनिक में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।
-आगरा में डॊ. हिमांशु यादव के क्लीनिक का है मामला
बुजुर्ग मरीज चक्कर आने की शिकायत लेकर क्लिनिक आए थे। डॊक्टर के सामने कुर्सी पर बैठकर जैसे ही उन्होंने डॉक्टर को अपनी परेशानी बतानी शुरू की, अचानक मरीज का सिर एक झटके से डॊक्टर की टेबल से टकराया और और शरीर ढीला पड़ गया।
डॉ. हिमांशु यादव ने बिना एक पल गंवाए उनकी नब्ज देखी और तत्काल समझ गये कि ये हार्ट अटैक है। बगैर समय गंवाए उन्होंने मरीजको सीपीआर देना शुरू कर दिया। मरीज की पल्स टूटने लगी थी। गहरी सांसों और दबाव के साथ करीब दो मिनट तक चले प्रयासों के बाद बुजुर्ग ने आंखें खोलीं और उनकी धड़कन लौट आई।
डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि मरीज को कंपलीट हार्ट ब्लाकेज की समस्या थी, जिसमें हृदय को आवश्यक इलेक्ट्रिक सिग्नल नहीं मिल पाते। इससे अचानक धड़कन रुक सकती है और मस्तिष्क को ऑक्सीजन नहीं मिलने से बेहोशी या मौत तक हो सकती है।
डॉक्टर ने बताया कि यह मरीज भाग्यशाली था कि वह उस वक्त क्लिनिक में था। यदि यह घटना कहीं और होती, तो बहुत मुश्किल हो जाती।
बाद में इस मरीज को पेसमेकर लगाकर उसे सुरक्षित छुट्टी दे दी गई। क्लिनिक में यह सब इतनी तेजी से हुआ कि बुजुर्ग के साथ आए उनके परिजन भी हक्के-बक्के रह गए। कुछ क्षणों के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी, लेकिन डॉक्टर की सूझबूझ से एक अनमोल जान बच गई।