कल धनतेरस संग शुरू हो रहा दीपोत्सव, ये है पूजा विधान
आगरा। दीपोत्सव कल यानि 29 अक्टूबर से प्रारंभ होने जा रहा है। दीपोत्सव के पहले दिन धनतेरस मनाई जाएगी। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी धनतेरस के रूप में मनाई जाती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित डा. अरविंद मिश्र ने बताया कि धनतेरस का त्योहार दिवाली के आने की शुभ सूचना देता है। इस दिन धन्वंतरि के पूजन का विधान है। कहते हैं कि इस दिन धन्वंतरि वैद्य समुद्र से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए धनतेरस को धन्वंतरि जयंती भी कहते हैं। धनतरेस के दिन घर के टूटे-फूटे पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन खरीदने का रिवाज है। विशेषतः चांदी के बर्तन खरीदना अत्यधिक शुभ माना जाता है।
29 अक्टूबर को प्रातः 10 बजकर 31 मिनट से त्रयोदशी शुरू होगी जो 30 अक्टूबर को दोपहर एक बजकर 15 मिनट तक रहेगी।
पूजा विधान
धनतेरस के दिन एक मिट्टी का दीया बना लें। रात को घर की स्त्रियां दीया का पूजन करें तथा दीये में तेल डालें। उसमें चार बत्तियां एक कोढ़ी में छेद करके दिये को जला दें। जल के छींटे दें। रोली, चावल चार सुहाली, गुड़, फूल, दक्षिणा, धूप रख दें। चार फेरी देकर बाद में दीया उठाकर अपने घर के आगे रख लें। सुबह दीये में से कौड़ी निकाल कर अपने घर की तिजोरी में रख लें। इससे आपके घर में धन-धान्य की वृद्धि होगी और कुबेर महाराज की कृपा आप पर बनी रहेगी।