अकोला को तहसील बनाने की मांग सीएम योगी तक पहुंची, 19 साल से जारी संघर्ष को मिला नया पंख
आगरा। अकोला कस्बे को तहसील बनाने की लंबे समय से चली आ रही मांग आज एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गई। अकोला क्षेत्र के लोगों ने इस मांग को लेकर मंगलवार शाम लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। यह मुलाकात छावनी क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. जीएस धर्मेश के प्रयासों से संभव हो सकी। डॊ. धर्मेश ने अकोला तहसील बनाने की पैरोकारी करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन के साथ अकोला ब्लॉक तहसील बनाओ संघर्ष समिति का पत्र भी संलग्न था।
-विधायक डॊ. जीएस धर्मेश के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले अकोला क्षेत्र के लोग
इस दौरान विधायक डॊ. जीएस धर्मेश और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अकोला ब्लॊक में 62 ग्राम पंचायतें हैं तथा कस्बे की आबादी लगभग दो लाख है। यह किसान बहुल क्षेत्र है। कई ग्राम पंचायतों में 15 से 20 हजार तक मतदाता हैं। यहां पांच इंटर कॊलेज और एक महाविद्यालय भी है। ब्लॊक में छह बैंक शाखाएं, ब्लॊक हेड क्वार्टर और एक पशु चिकित्सालय भी है। एक पोस्ट ऒफिस, पुरानी पुलिस चौकी भी है। अकोला ब्लॊक तीन विधान सभा क्षेत्रों आगरा ग्रामीण, फतेहपुरसीकरी और खेरागढ़ से जुड़ा हुआ है।
वर्तमान में यह ब्लॊक सदर तहसील का हिस्सा है। सदर तहसील बहुत बड़ी है। इसमें शहर के तीन विधान सभा क्षेत्र आगरा उत्तर, आगरा दक्षिण, आगरा छावनी के अलावा ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र भी आती है। इस वजह से सदर तहसील पर बहुत अधिक कार्यभार रहता है। इस तहसील में अपने काम से आने वाले लोगों को एक-एक किलोमीटर तक वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिलती।
विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि क्षेत्र के लोग लम्बे समय से अकोला को तहसील बनाने के लिए आंदोलन करते आ रहे हैं। उन्होंने सीएम योगी से कहा कि अकोला के तहसील बनने से सदर के अलावा खेरागढ़ और किरावली तहसील पर भी काम का भार कम होगा।
मुख्यमंत्री से मांग की गई कि अकोला ब्लॊक के गांवों के साथ ही खेरागढ़ और किरावली तहसील के कुछ गांवों को जोड़कर अकोला में एक नई तहसील बना दी जाए तो इस क्षेत्र के ग्रामवासियों को हर रोज होने वाली दिक्कत से छुटकारा मिल जाएगा।
अकोला तहसील बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक केदार सिंह चाहर एडवोकेट ने मुख्यमंत्री को बताया कि अकोला तहसील का प्रस्ताव राजस्व परिषद में सन 2006 में विचारित हुआ था। पुनः 2023 में स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा भी आगरा के जिलाधिकारी से अकोला को तहसील बनाने के लिए आख्या मांगी गई थी, जिसे जिलाधिकारी आगरा अपनी संस्तुति के साथ भेज चुके हैं।
विधायक डॊ. धर्मेश के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में संघर्ष समिति के संयोजक केदार सिंह चाहर एडवोकेट, राज कुमार चाहर (डब्बू) मुरकिया, अखिलेश चौधरी, सलेमाबाद के प्रधान राजवीर सिंह, रामनगर के प्रधान वीर पाल सिंह, अकोला के प्रधान जितेंद्र कुमार, वासुदेव फौजदार, नरेंद्र सिंह मैनेजर आदि शामिल थे।