आगरा से उठी डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग, क्लीनिकल स्टैबलिश एक्ट लागू करे सरकार
आगरा। आईएमए आगरा के तत्वावधान में ताजनगरी में आयोजित थर्ड एसडब्लूसी यूपी आईएमए आगरा 2025 का आगाज़ डॉक्टरों की सुरक्षा, चिकित्सा व्यवस्था के सरलीकरण और आधुनिक तकनीक पर गहन मंथन के साथ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में पहले दिन प्री एसडब्लूसी सीएमई एवं मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र की चुनौतियों और समाधान पर अपने अनुभव साझा किए।
-आईएमए आगरा द्वारा आयोजित थर्ड एसडब्लूसी यूपी आईएमए आगरा 2025 का आगाज़
-पहले दिन प्री एसडब्लूसी सीएमई में नई तकनीकों की जानकारी साझा की गई, शोध पत्र भी
क्लीनिकल स्टैबलिश एक्ट की उठी मांग
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद अग्रवाल ने कहा कि डॉक्टरों पर लगातार हो रहे हमले चिंता का विषय हैं। मरीजों के परिजनों द्वारा हॉस्पिटलों में की जाने वाली हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार से मांग है कि डॉक्टरों और उनके स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लीनिकल स्टैबलिश एक्ट लाया जाए।
चिकित्सा प्रणाली के सरलीकरण पर जोर
आईएमए यूपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पीके अग्रवाल ने कहा कि दवाओं की असली और नकली पहचान सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। उन्होंने मांग की कि सरकार ग्रेडिंग सिस्टम लागू कर नियम बनाए और झोलाछाप डॉक्टरों पर अंकुश लगाया जाए। साथ ही चिकित्सा प्रणाली को सरल बनाने के उपाय भी करने होंगे।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
प्री एसडब्लूसी सीएमई में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने एडवांस रोबोटिक सर्जिकल तकनीक, जटिल रोगों के आधुनिक इलाज और अनुभवों को साझा किया। विभिन्न सत्रों में नई तकनीकों और शोध पर प्रस्तुतियां दी गईं। संचालन डॉ. अर्पिता सक्सेना ने किया।
विभिन्न सत्रों में मुख्य वक्ताओं ने दी जानकारी
सीएमई के विभिन्न सत्रों में डॉ. रजनी पचौरी (आईवीएफ एक्सपर्ट), डॉ. शिव चौधरी (कार्डियक सर्जन), डॉ. मनीष शर्मा (कार्डियक रोग विशेषज्ञ), डॉ. मेघल गोयल (हिप एंड नी रोबोटिक सर्जन), डॉ. मुदित खुराना (नेफ्रोलॉजी), डॉ. विकास मित्तल (लेप्रोस्कोपिक सर्जन), डॉ. देवाशीष शर्मा (स्पाइन रोग विशेषज्ञ), डॉ. अनिमेष गुप्ता (कैंसर विशेषज्ञ), डॉ. अभिनव अग्रहरी (न्यूरोसर्जन), और डॉ. अरुण गुप्ता (नी रिप्लेसमेंट सर्जन) प्रमुख वक्ता रहे, जिन्होंने अनेक जानकारियां दीं।
आज होगी स्टेट वर्किंग कमेटी की बैठक
आयोजन के दूसरे दिन यानी रविवार 31 अगस्त को सुबह 9 बजे आईएमए ओरिएंटेशन होगा। इसके बाद सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्टेट वर्किंग कमेटी की मीटिंग होगी। इसमें डॉक्टरों की सुरक्षा, दवाओं पर जीएसटी, पॉल्यूशन और चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सीएमई में इन मुद्दों पर हुआ मंथन
सीएमई में आईवीएफ, हृदय रोग, हिप एंड नी ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कैंसर और स्पाइन से संबंधित कारणों, इलाज, बचाव और नवीन तकनीकियों पर विशेषज्ञों ने गहन विचार-विमर्श किया।
आयोजन में शामिल रहे प्रमुख चिकित्सक
इस अवसर पर डॉ. वाईबी अग्रवाल, डॉ. शरद गुप्ता, आईएमए आगरा अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित, डॉ. मुकेश गोयल, डॉ. रजनीश मिश्रा, डॉ. मुकेश भारद्वाज, डॉ. आलोक मित्तल, डॉ. पंकज नगायच, डॉ. अनुपम गुप्ता, डॉ. करण रावत सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर और चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद रहे।
इसके अलावा डॉ. डीवी शर्मा, डॉ. अशोक शिरोमणि, डॉ. रवि मोहन पचौरी, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, डॉ. गंभीर सिंह सिकरवार, डॉ. मनीष बंसल, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. संजय चौहान, डॉ. अजय गुप्ता, डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. योगेश सिंघल, डॉ. अर्चना सिंघल और डॉ. नितिन सेठ ने भी शिरकत की।