एक्सपार्टी मामलों के पुनर्विचार की मांग, जीएसटी एक्ट में संशोधन के लिए प्रोफेशनल्स ने की पहल
आगरा। आज दिल्ली स्थित उद्योग भवन में राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंही जी से नेशनल फोरम फॉर जीएसटी प्रोफेशनल्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर जीएसटी अधिनियम में महत्वपूर्ण सुधारों की मांग की। इस आशय का एक मांग पत्र भी प्रस्तुत किया।
उद्योग भवन में राष्ट्रीय कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंह के साथ बैठक, आगरा से पराग सिंघल शामिल रहेBottom of Form
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प्रतिनिधिमंडल ने चेयरमैन को बताया कि वर्तमान में एक्सपार्टी वादों (एकपक्षीय मामलों) के निपटारे के लिए कोई स्पष्ट पुनर्विचार का प्रावधान नहीं है, जिससे व्यापारियों को न्याय नहीं मिल पाता। इसीलिए प्रतिनिधिमंडल ने एक्सपार्टी वादों को रीओपन करने हेतु जीएसटी एक्ट में स्पष्ट प्रावधान जोड़ने की मांग की। इसके साथ ही लिमिटेशन एक्ट को भी जीएसटी अधिनियम में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया ताकि व्यापारियों को कानूनी प्रक्रिया में अधिक न्यायोचित अवसर मिल सके।
बैठक का माहौल अत्यंत सौहार्दपूर्ण रहा और चेयरमैन सुनील सिंही ने प्रतिनिधिमंडल के सुझावों को सराहा। उन्होंने कहा कि ऐसे सार्थक एवं व्यावहारिक सुझावों से न केवल नीति-निर्माण में मदद मिलती है बल्कि व्यापारिक समुदाय को राहत देने के लिए ठोस कार्य भी किए जा सकते हैं।
उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से अनुरोध किया कि भविष्य में भी ऐसे सुझाव साझा करते रहें ताकि सरकार तक उन्हें प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।
प्रतिनिधिमंडल में आगरा से फोरम के नेशनल प्रतिनिधि पराग सिंघल , अधिवक्ता दयाल – अध्यक्ष, मध्य प्रदेश चैप्टर, दीपक सिंघल – महामंत्री, राजस्थान चैप्टर और अधिवक्ता तरुण गुप्ता – दिल्ली चैप्टर आदि शामिल थे।