आगरा में पुलिसिया उत्पीड़न पर डिप्टी सीएम के कड़े तेवर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर से बोले- हमने क्या सोचकर यह कमिश्नरेट बनाया था और तुम लोगों ने इसे क्या बना कर रख दिया है? यहां हालात बहुत खराब हैं, आखिर हो क्या रहा है?, जीवनी मंडी मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने को कहा

आगरा। आगरा पुलिस कमिश्नरेट में पुलिसिया अत्याचार और भ्रष्टाचार को लेकर आगरा के जनप्रतिनिधियों का गुस्सा शुक्रवार को खुलकर फूट पड़ा। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि आगरा में पुलिस बेलगाम हो चुकी है। किसी के हाथ तोड़े जा रहे हैं तो किसी के पैर। निर्दोषों पर खुलेआम थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए डिप्टी सीएम ने मौके पर मौजूद एडिशनल पुलिस कमिश्नर रामबदन सिंह से कड़ी नाराजगी जताई और उत्पीड़न संबंधी मामलों के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।

Jan 9, 2026 - 22:35
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आगरा में पुलिसिया उत्पीड़न पर डिप्टी सीएम के कड़े तेवर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर से बोले- हमने क्या सोचकर यह कमिश्नरेट बनाया था और तुम लोगों ने इसे क्या बना कर रख दिया है? यहां हालात बहुत खराब हैं, आखिर हो क्या रहा है?, जीवनी मंडी मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने को कहा
आगरा सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक करते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य। चित्र में सांसद राज कुमार चाहर, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, मेयर हेमलता दिवाकर, विधायक डॊ. धर्मेश, भगवान सिंह कुशवाह और जिला पंचायत अध्यक्ष डॊ. मंजू भदौरिया।

डिप्टी सीएम शुक्रवार को आगरा दौरे पर थे। फतेहाबाद में जन चौपाल के बाद सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान पुलिस के खिलाफ एक स्वर में आक्रोश सामने आया। जनप्रतिनिधियों (सांसद-विधायकों) और संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आगरा में पुलिस अत्याचार दिन-ब-दिन बढ़ रहा है, लेकिन दोषी पुलिसकर्मियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। उल्टे वरिष्ठ अधिकारी उन्हें बचाने में लगे हुए हैं।

बैठक में सबसे पहले किरावली निवासी राजू शर्मा का मामला उठाया गया। बताया गया कि किरावली थाने में उसे उल्टा लटकाकर बेरहमी से पीटा गया, थर्ड डिग्री दी गई और उसकी दोनों टांगें तोड़ दी गईं। पीड़ित के दोनों पैरों में फ्रैक्चर है और वह चलने में असमर्थ है। परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन पुलिस और अधिकारी जांच-जांच का खेल खेल रहे हैं।

इसके बाद जीवनी मंडी चौकी क्षेत्र के नरेंद्र कुशवाहा का मामला सामने रखा गया। आरोप है कि उसे भी थर्ड डिग्री दी गई। पीड़ित नरेंद्र कुशवाहा अपने परिवार के साथ स्वयं डिप्टी सीएम से मिला और अपनी चोटें दिखाईं। साथ ही बताया कि अब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पिछले दो महीनों में सामने आए सभी थर्ड डिग्री मामलों की सूची जनप्रतिनिधियों ने डिप्टी सीएम को सौंपी।

इन गंभीर आरोपों को सुनकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एडिशनल पुलिस कमिश्नर रामबदन सिंह को बुलाया और सख्त लहजे में कहा कि आईपीएस अधिकारियों ने आगरा को पुलिस कमिश्नरेट बनाने की वकालत की थी और हमने उनकी बात मानकर आगरा को कमिश्नरेट बनाया। उन्होंने कहा- हमने क्या सोचकर यह कमिश्नरेट बनाया था और तुम लोगों ने इसे क्या बना कर रख दिया है? यहां हालात बहुत खराब हैं, आखिर हो क्या रहा है?

डिप्टी सीएम के सवालों पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसी दौरान एक जनप्रतिनिधि ने जेल के भीतर भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। आरोप लगाया गया कि मशक्कत काटने के नाम पर जेल के अंदर एक लाख रुपये की पर्ची खुलेआम काटी जाती है। इस पर भी डिप्टी सीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और पूरे मामले पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।

बैठक के बाद साफ संकेत मिले कि आगरा पुलिस कमिश्नरेट की कार्यशैली अब सरकार के रडार पर है और आने वाले दिनों में दोषी पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

SP_Singh AURGURU Editor