सुगंध दशमी और उत्तम संयम धर्म के पर्व पर जैन समाज में भक्ति और उल्लास

आगरा। दशलक्षण महापर्व के छठवें दिन मंगलवार को जैन समाज ने सुगंध दशमी एवं उत्तम संयम धर्म का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भक्ति और संयम का वातावरण बना रहा।

Sep 2, 2025 - 21:57
 0
सुगंध दशमी और उत्तम संयम धर्म के पर्व पर जैन समाज में भक्ति और उल्लास
सुगंध दशमी और उत्तम संयम धर्म के पर्व पर मंगलवार को शहर के जिनालयों में हुए धार्मिक आयोजनों की कुछ तस्वीरें। 

शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर-7 सिकंदरा

शांतिनाथ मंदिर प्रांगण में सुबह विशेष कलशाभिषेक के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। भगवान शांतिनाथ का स्वर्ण कलश से अभिषेक और मंगल आरती की गई। वातावरण संगीत मय भक्ति गीतों और घंटा-घड़ियालों की ध्वनि से गूंज उठा।

प्रवचन में पंडित अंशुल जैन शास्त्री ने कहा कि संयम आत्मा की सबसे बड़ी साधना है। इंद्रियों को वश में करना और मन, वचन व शरीर की अशुभ प्रवृत्तियों का त्याग करना ही वास्तविक संयम है। उन्होंने बताया कि संयम धर्म से जीवन में शांति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

युवा मंडल ने भगवान पार्श्वनाथ के उपसर्ग और बड़े बाबा कुण्डलपुर की भव्य झांकी सजाई। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता और शास्त्र-आरती थाल सजाने की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिनमें बच्चों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

श्री पदमप्रभु जिनालय, अवधपुरी

पदमप्रभु जिनालय में मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। मंदिर प्रांगण को फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था। सूरज की सुनहरी किरणों और धूप-दीप से पूरा वातावरण दिव्यता से भर गया।

महिला मंडल की ओर से थाल सजाओ, मंगल कलश सजाओ और पोस्टर बनाओ प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इसमें बच्चों व युवाओं ने संयम धर्म, सदाचार और अहिंसा से जुड़े संदेशों को चित्रों और कलाकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

प्रवचनों में संतों ने कहा कि संयम धर्म से मनुष्य जीवन में अनुशासन, संतुलन और आत्मिक शांति का विकास होता है। सांयकाल संगीतमय प्रभु आरती और भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

कलाकुंज श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर

कलाकुंज मंदिर में भी दिनभर धार्मिक उत्सव का माहौल रहा। पंडित आदि जैन शास्त्री के निर्देशन में भक्तों ने भगवान महावीर का पूजन-अभिषेक किया और संयम धर्म के पालन का संकल्प लिया।

वर्धमान युवा मंडल द्वारा पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण, अहिंसा, संयम और सदाचार जैसे विषयों पर अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आकर्षक पोस्टरों ने दर्शकों का मन मोह लिया और सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया।

SP_Singh AURGURU Editor