कमल पुष्पों से सुसज्जित श्रीजगन्नाथ मंदिर में निर्जला एकादशी पर भक्ति की गूंज

आगरा। श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) में शनिवार को पाण्डव निर्जला एकादशी और कमल मनोरथ महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। मंदिर प्रांगण में कमल पुष्पों की अलौकिक सज्जा, जगमगाती रोशनी और भक्तों के भावविभोर नृत्य-गान ने पूरे वातावरण को अध्यात्ममय बना दिया।

Jun 7, 2025 - 21:38
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कमल पुष्पों से सुसज्जित श्रीजगन्नाथ मंदिर में निर्जला एकादशी पर भक्ति की गूंज
कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में कमल पुष्पों से सुसज्जित भगवान श्रीजगन्नाथ, सुभद्रा और बलराम के विग्रहों के दिव्य दर्शन। दूसरे चित्र में संकीर्तन करते भक्तजन।

-हरिनाम संकीर्तन में झूमे श्रद्धालु, कमल मनोरथ के दिव्य श्रृंगार के हुए दर्शन

कमल मनोरथ: भगवान का दिव्य श्रृंगार

तपती गर्मी में भी भक्तों का उत्साह कम नहीं था। इस अवसर पर भगवान श्रीजगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम को कमल और मोहरे के फूलों से श्रृंगारित किया गया। गुलाबी रंग की पोशाक में आराध्य विग्रह जब मंदिर मंडप में विराजमान हुए, तो श्रद्धालु अपलक दर्शन करते रहे। कमल पुष्पों की छटा और मनोहारी सज्जा ने भक्तों के हृदय को भक्ति से सराबोर कर दिया।

अखण्ड हरिनाम संकीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर

शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक मंदिर परिसर मृदंग, मंजीरे और ढोलक की ताल पर हरे राम, हरे कृष्णा के संकीर्तन से गूंजता रहा। श्रद्धालु झूमते, नाचते हुए भगवान के नाम का कीर्तन करते रहे। यह संकीर्तन केवल संगीत नहीं, अपितु हरिनाम की शक्ति का अनुभव था, जिसने भक्तों को आंतरिक शांति और आनंद प्रदान किया।

निर्जला एकादशी की कथा से मिला आत्मिक ज्ञान

मंदिर अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने सुबह श्रद्धालुओं को पाण्डव निर्जला एकादशी का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि यह वर्ष की सबसे श्रेष्ठ एकादशी है। स्वयं पाण्डव भीम ने इसका पालन किया था। इस व्रत से सभी एकादशियों का पुण्यफल प्राप्त होता है।

ऑनलाइन गीता पाठ से जुड़ा देश-विदेश का जनमानस

महामहोत्सव में जहां एक ओर भक्त मंदिर में उपस्थित थे, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर भगवद्गीता के 18 अध्यायों का पाठ कर रहे थे। टेक्नोलॉजी और आस्था का यह समन्वय भक्ति को वैश्विक विस्तार दे रहा है।

भक्तों की उपस्थिति ने रचा दिव्य संगम

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से:
तरुण शर्मा, वंदना शर्मा, शाश्वत नंदलाल, शैलेश प्रभु, सुशील ग्रवाल, नितेश अग्रवाल, देवकेशव प्रभु, हिमांशु, अदिति गौरांगी, राजेश उपाध्याय आदि का उल्लेखनीय सहयोग रहा।

SP_Singh AURGURU Editor