धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा मथुरा पहुंची, बीच राह में दो बार बिगड़ी तबीयत, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

मथुरा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की “सनातन एकता पदयात्रा” का आज सातवां दिन है। दिल्ली और हरियाणा से होते हुए यात्रा आज मथुरा में प्रवेश कर चुकी है। चार दिनों तक चलने वाली 55 किलोमीटर लंबी पदयात्रा के दौरान जगह-जगह भक्तों का अपार उत्साह देखने को मिला। सड़कें भगवा झंडों, जयघोषों और भक्ति स्वरूप झांकियों से सराबोर हैं।

Nov 13, 2025 - 12:02
Nov 13, 2025 - 12:14
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धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा मथुरा पहुंची, बीच राह में दो बार बिगड़ी तबीयत, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत अचानक बिगड़ने पर अनुयायी अपने वस्त्रों से हवा करते हुए ।

पदयात्रा में भक्तों का सैलाब उमड़ा, हरियाणा बॉर्डर पार कर मथुरा में हुआ भव्य स्वागत, ढोल-नगाड़ों, झांकियों और जय श्री राम के नारों से गूंज उठा मार्ग

मथुरा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की “सनातन एकता पदयात्रा” का आज सातवां दिन है। दिल्ली और हरियाणा से होते हुए यात्रा आज मथुरा में प्रवेश कर चुकी है। चार दिनों तक चलने वाली 55 किलोमीटर लंबी पदयात्रा के दौरान जगह-जगह भक्तों का अपार उत्साह देखने को मिला। सड़कें भगवा झंडों, जयघोषों और भक्ति स्वरूप झांकियों से सराबोर हैं।

यात्रा के दौरान गुरुवार को यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया गया कि उन्हें चक्कर आ गया और वे सड़क पर ही लेट गए। आसपास मौजूद भक्तों और सहयोगियों ने तुरंत उन्हें संभाला। इससे पहले भी बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद उन्होंने दवा लेकर थोड़ी देर आराम किया और फिर यात्रा जारी रखी। स्वास्थ्य पर चिकित्सक दल लगातार नजर बनाए हुए है। आयोजकों ने बताया कि महाराज श्री की तबीयत अब स्थिर है और वे यात्रा के अगले पड़ाव की तैयारी में हैं।

भक्ति और उत्साह का संगम 

हरियाणा बॉर्डर से यूपी में प्रवेश के साथ ही यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। भक्त ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते हुए “जय श्री राम” और “हर हर महादेव” के नारे लगा रहे हैं। किसी ने हनुमान जी की वेशभूषा धारण की है तो कोई राम–सीता के रूप में यात्रा में शामिल हुआ। मार्ग के किनारे-किनारे भव्य स्वागत द्वार, फूलों की वर्षा और झांकियों से वातावरण पूर्णतः धार्मिक हो उठा है। स्थानीय लोगों ने भी यात्रा के स्वागत में फलाहार और जलपान केंद्र लगाए हैं।

पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क

हाल ही में दिल्ली ब्लास्ट की घटना के बाद धीरेंद्र शास्त्री की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और सतर्क हो गया है। पहले जहां पुलिस की तीन कंपनियां तैनात थीं, अब दो और कंपनियां बढ़ाई गई हैं। एएसपी अनुज चौधरी स्वयं सुरक्षा मोर्चे पर डटे हैं और पदयात्रा मार्ग पर पल–पल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है और भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई है।

एक लाख से अधिक भक्तों की भागीदारी 

आयोजकों के अनुसार करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालु इस पदयात्रा में शामिल हैं। यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति की एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रभक्ति का संदेश देना है। धीरेंद्र शास्त्री ने पहले ही कहा था, हमारा लक्ष्य है, सनातन को जोड़ना, समाज को एक सूत्र में बांधना और भारत की आत्मा को जागृत करना है । यात्रा के अगले पड़ाव में मथुरा से आगे वृंदावन, गोवर्धन और आगरा मार्ग पर कई धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक आयोजन बन चुकी है। भक्तों की आस्था और भारी जनसहभागिता ने इसे एक जनांदोलन का रूप दे दिया है। स्वास्थ्य में हल्की दिक्कत के बावजूद शास्त्री का संकल्प अडिग है और सुरक्षा-व्यवस्था के बीच सनातन एकता का यह कारवां निरंतर आगे बढ़ रहा है।