हरियाणा पुलिस का बर्खास्त सिपाही निकला चोर, आगरा में मुख्य आरक्षी के घर सेंध लगाई, एटीएम से उड़ाए हजारों रुपये

आगरा। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में तैनात मुख्य आरक्षी के घर चोरी करने वाला निकला कोई आम चोर नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। चोर ने वारदात के बाद न सिर्फ एटीएम और क्रेडिट कार्ड से कैश उड़ाया, बल्कि शॉपिंग कर ऐश भी की।

Nov 9, 2025 - 19:30
Nov 9, 2025 - 19:42
 0
हरियाणा पुलिस का बर्खास्त सिपाही निकला चोर, आगरा में मुख्य आरक्षी के घर सेंध लगाई, एटीएम से उड़ाए हजारों रुपये
पुलिस की गिरफ्त में हरियाणा पुलिस का बर्खास्त सिपाही।

टेरिटोरियल आर्मी का पूर्व जवान निकला हाई-टेक चोर, कार्ड से शॉपिंग कर बना फरिश्ता, पकड़ा गया पुलिस जाल में

आगरा। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में तैनात मुख्य आरक्षी के घर चोरी करने वाला निकला कोई आम चोर नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। चोर ने वारदात के बाद न सिर्फ एटीएम और क्रेडिट कार्ड से कैश उड़ाया, बल्कि शॉपिंग कर ऐश भी की।

पकड़े गये बर्खास्त कांस्टेबल वजीर सिंह का आगरा के मुख्य आरक्षी से कोई संबंध नहीं था। यह यह कहकर आता था कि हरियाणा पुलिस का सिपाही हूं और आगरा में दबिश देने आया हूं। आगरा के मुख्य आरक्षी ने इस पर भरोसा कर लिया और अपने घर तक ले गया। जिस दिन वजीर सिंह मुख्य आरक्षी के घर पहुंचा, वहां उसकी पैंट लटकी मिल गई। इस दौरान मौका पाकर पर्स से एटीएम कार्ड और पिन नंबर लिखा कागज निकाल लिया और एटीएम से 45000 रुपये निकालकर फरार हो गया। ट्रांस यमुना पुलिस को जांज में यह भी पता चला है कि आरोपी ऐसे ही मथुरा और अलीगढ़ में भी जाता रहा है। मुख्य आरक्षी कुशलपाल सिंह, थाना ट्रांस यमुना में पदस्थ हैं। 6 सितंबर की रात ड्यूटी खत्म कर वे अपने आवास पर पहुंचे, वर्दी खूंटी पर टांगी और सो गए। इसी दौरान वजीर सिंह ने इस वारदात को अंजाम दिया। 

एटीएम से 45 हजार कैश, पेट्रोल पंप पर 20 हजार स्वाइप, फिर की शॉपिंग

वारदात के बाद आरोपी ने एटीएम से 45 हजार रुपये निकाले,इसके बाद भगवान टॉकीज पेट्रोल पंप पर 20 हजार रुपये कार्ड से स्वाइप किए और क्रेडिट कार्ड से भी कैश ट्रांजैक्शन किया। आरोपी ने 45 हजार रुपये अपने घर भिजवा दिए, जबकि बाकी रकम से शॉपिंग और मौज-मस्ती की। मुख्य आरक्षी ने सात दिन बाद इसकी एफआईआर दर्ज कराई थी।

हरियाणा पुलिस से बर्खास्त, फिर भी बनता था सिपाही

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी वजीर सिंह, निवासी कोसली, रेवाड़ी (हरियाणा), 2001 से 2006 तक टेरिटोरियल आर्मी में था। इसके बाद 2007 में वह हरियाणा पुलिस में सिपाही बन गया। लेकिन वर्ष 2018 में हेड कांस्टेबल भर्ती में लेनदेन घोटाले में दोषी पाए जाने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया। इसके बावजूद वह खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को भ्रमित करता रहा और अब चोरी के अपराध में पकड़ा गया।

पुलिस की पकड़ में आया फर्जी वर्दीधारी चोर

ट्रांस यमुना पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने पूरे घटनाक्रम की कबूलियत की। अब पुलिस उसकी पूर्व गतिविधियों और संभावित अन्य वारदातों की जांच में जुटी है।