आगरा में राणा सांगा जयंती पर क्षत्रिय शक्ति का प्रदर्शन, नेतृत्व पर असमंजस

आगरा। महाराणा सांगा की जयंती के अवसर पर आज (12 अप्रैल) को आगरा के गढ़ी रामी में होने वाला आयोजन एक विशाल क्षत्रिय शक्ति प्रदर्शन का रूप ले चुका है, लेकिन अंतिम क्षणों तक भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस वृहद आयोजन का नेतृत्व कौन करेगा। हालांकि आयोजन की प्रशासनिक अनुमति 'सनातन महासभा' को मिली है, लेकिन करणी सेना के विभिन्न गुटों, क्षत्रिय संगठनों और राजनीतिक चेहरों के जुड़ने के बाद कार्यक्रम की कमान को लेकर स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।

Apr 12, 2025 - 00:31
Apr 12, 2025 - 00:32
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आगरा में राणा सांगा जयंती पर क्षत्रिय शक्ति का प्रदर्शन, नेतृत्व पर असमंजस

महाराणा सांगा की जयंती पर आगरा में हो रहा आयोजन, जहां एक ओर क्षत्रिय एकता का प्रतीक बन रहा है, वहीं दूसरी ओर नेतृत्व की अस्पष्टता भी सामने आ रही है। अब देखना यह होगा कि इस आयोजन का स्वरूप क्या दिशा लेता है, और क्या यह एक संगठित शक्ति प्रदर्शन के रूप में सामने आता है या आंतरिक नेतृत्व संघर्ष की छाया में चला जाता है।

कई धड़े, एक उद्देश्य: एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन

इस आयोजन में करणी सेना के चार प्रमुख गुटों के राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल हैं। ये हैं सूरज पाल सिंह अम्मू (अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष), महीपाल सिंह मकराना, प्रताप सिंह कालवी, राज शेखावत। इनके अलावा शेर सिंह राणा भी आगरा पहुंच चुके हैं। राजा भैया की पार्टी के वरिष्ठ नेता अक्षय प्रताप सिंह (राजा भैया के भाई) राजस्थान के क्षत्रिय नेता रहे स्व. सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की पत्नी शीला गोगामेड़ी भी कई सौ बसों के काफिले के साथ आज आगरा पहुंच रही हैं। शीला गोगामेड़ी करणी सेना में पति की विरासत को संभाल रही हैं।

हर गुट अपने-अपने समर्थकों को राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से बसों में लाया है। सभी एक समान उद्देश्य – राणा सांगा को सम्मान और क्षत्रिय गौरव के प्रदर्शन से जुड़े हुए हैं, लेकिन नेतृत्व का सवाल अब भी अनुत्तरित है।

नेतृत्व को लेकर असमंजस, ब्लूप्रिंट अधूरा

जहां एक ओर लाखों की भीड़ को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं यह स्पष्ट नहीं है कि मंच की अध्यक्षता कौन करेगा, और किसे किस क्रम में बोलने का मौका मिलेगा।
करणी सेना के सभी गुटों के नेता अपने-अपने संगठनों में राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका में हैं और ऐसे में कोई भी खुद को किसी से कमतर नहीं आंकेगा।

इस समूचे आयोजन में आगरा की क्षत्रिय सभा और आयोजन के लिए बनाई गई संयुक्त क्षत्रिय संघर्ष समिति तो कहीं गुम हो गई सी लगती है। हरियाणा और राजस्थान से आए क्षत्रिय नेताओं ने आगरा में अपने साथ कुछ-कुछ लोगों को जोड़ रखा है।

शुक्रवार की शाम तीस जिलों के लोग पहुंच चुके थे

राणा सांगा जयंती के इस कार्यक्रम में शुक्रवार की शाम तक लगभग तीस जिलों के लोग पहुंच चुके थे। इसके अलावा राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोगों के आगरा के लिए प्रस्थान करने की सूचनाएं स्थानीय क्षत्रिय नेताओं को प्राप्त हो रही थीं। माना जा रहा है कि रात भर की यात्रा कर सुबह तक ये लोग आगरा पहुंच जाएंगे।

बसों में गैस-चूल्हा और खाद्य सामग्री लेकर आ रहे

बसों से पहुंच रहे लोगों के बारे में तो ये भी सूचना है कि वे अपने साथ गैस सिलेंडर-चूल्हा और खाद्य सामग्री लेकर आ रहे हैं ताकि खुद खाना तैयार कर खा सकें। शुक्रवार को आगरा पहुंचे लोगों में नागपुर और पूना तक के लोग शामिल हैं। देश के विभिन्न राज्यों से आ रहे लोगों से एक बात तो साफ हो गई है कि करणी सेना राणा सांगा के मुद्दे पर देशव्यापी संदेश देने में सफल रही है।

आयोजन स्थल के आसपास ही रोके गये हैं लोग

राणा सांगा की जयंती में भाग लेने शुक्रवार तक आ चुके लोगों को गढ़ी रामी के आसपास ही विभिन्न स्थानों पर रुकने की व्यवस्था की गई है। इनके खाने की व्यवस्था भी आसपास के गांवों के लोगों के सहयोग से हो रही है।

कार्यक्रम स्थल पर पानी के साथ शर्बत का भी इंतजाम

राणा सांगा जयंती का कार्यक्रम चूंकि भीषण गर्मी के दौरान हो रहा है, इसलिए आयोजकों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर पानी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रयास हो रहे हैं कि लोगों को ठंडा पानी मिले। इसके लिए पानी के पाउचों के साथ ही टैंकरों की भी व्यवस्था की जा रही है। शर्बत का भी इंतजाम किया जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor