शिव महापुराण कथा व महा रुद्राभिषेक महोत्सव के चौथे दिन शिव बरात का दिव्य आयोजन
आगरा। श्री महाकालेश्वर मंदिर, दयालबाग में सावन महोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा और महा रुद्राभिषेक महोत्सव के चौथे दिन की शुरुआत भगवान गणेश की सवारी से हुई। जैसे ही गणेश जी की अगुवाई में शिव बरात निकली, नासिक बैंड की गूंज और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा दयालबाग शिवमय हो गया।
-शिवत्व की छाया में दयालबाग: प्रेम, तप और संस्कृति का अलौकिक उत्सव, गणेश सवारी से हुई शिव बारात की शुरुआत
शिव–पार्वती स्वरूपों ने किया भक्तों को भावविभोर
शिव बरात जतिन रिज़ॉर्ट से सरला बाग रोड होते हुए 100 फुटा रोड तक निकाली गई। झांकियों में शिव गण, भूत-प्रेतों के प्रतीक, साधु-संतों की वेशभूषा में सजे बच्चों और रथ पर विराजमान शिव–पार्वती स्वरूपों ने सभी को आकर्षित किया। बरात में शिव तांडव, पुष्पवर्षा और शंखध्वनि ने माहौल को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया।
आरती से हुआ शुभारंभ, कथा में समाया दिव्य संदेश
महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, आचार्य विष्णु कांत शास्त्री और कथा व्यास मृदुलकांत शास्त्री ने विधिवत आरती कर बरात का शुभारंभ किया। कथा मंच से मृदुलकांत शास्त्री ने शिव–पार्वती विवाह का प्रसंग प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह केवल विवाह नहीं, आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। पार्वती का प्रेम तप है, शिव की स्वीकृति करुणा का अनंत विस्तार।
सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उत्सव
मुख्य संयोजक आचार्य सुनील वशिष्ठ ने कहा, शिव बरात केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, भारतीय संस्कृति की जीवंत धारा है। यह शिवत्व को केवल बाह्य रूप में नहीं, अंतरात्मा से जीने का आह्वान है। प्रातःकाल महा रुद्राभिषेक एवं पार्थिव शिवलिंग निर्माण की परंपरा भी पूरे दिन चली।
श्रद्धालुओं की रही उमंगपूर्ण सहभागिता
इस भव्य आयोजन में पवन शर्मा, सुनील शर्मा, अजय पांडे, शुभम द्विवेदी, सरिता तिवारी, नीलू पांडे, रमेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। सभी ने शिव-पार्वती विवाह के दिव्य मिलन में अपनी श्रद्धा समर्पित की।