ओम तिलक और धानी वस्त्रों में श्री वरद वल्लभा महागणपति के अलौकिक दर्शन, भक्त हुए मंत्रमुग्ध
आगरा। ताजनगरी में गणेश महोत्सव की भक्ति लहर में सोमवार का दिन बेहद खास रहा। छलेसर मार्ग स्थित श्री वरद वल्लभा महागणपति मंदिर में छठवें दिवस गणपति बप्पा ने धानी वस्त्र और मस्तक पर ओम तिलक धारण कर भक्तों को अलौकिक दर्शन दिए। इस दिव्य स्वरूप ने मंदिर प्रांगण को आस्था, भक्ति और आनंद के अद्भुत संगम में बदल दिया। हजारों श्रद्धालु गणपति के जयकारों के बीच दर्शन के लिए उमड़े, भजन-कीर्तन में लीन रहे और 101 किलो के विशाल मोदक ने श्रद्धा का आकर्षण और बढ़ा दिया।
मंदिर संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि छठवे दिवस श्री वरद वल्लभा गणपति का धानी वस्त्रों से विशेष श्रृंगार किया गया। वहीं प्रभु के मस्तक पर ओम तिलक लगाया गया। जिसने मंदिर आने वाले भक्तों मे नई ऊर्जा का संचार करने का कार्य किया। गणपति को मोदक, सेब, केला, संतरा, अनार आदि फलो का भोग लगाया गया और तेजस्वी प्रतिमा के बाहरी आवरण को अशोक के पत्ते और सुगंधित फूलों से सजाया गया।
शहर और आसपास के जनपदो से आने वाले हजारों भक्तों ने मंदिर पहुंचकर श्री वरद वल्लभा गणपति के दिव्य स्वरूप दर्शन किए और गणपति के जयकारों का गुणगान किया। वहीं मंदिर परिसर में सुबह से रात तक भक्त गणपति के भजन और कीर्तन मे लीन रहे और उन पर थिरकते रहे। गणेश उत्सव के पवित्र दिनों में मंदिर परिसर में विराजित 101 किलो के विशाल मोदक ने भी भक्तों का विशेष ध्यान खींचा।