छीपीटोला में चातुर्मास की दिव्यता का आरंभ: श्री पार्श्वनाथ मंदिर में होगा पावन विद्यामृत वर्षायोग

आगरा। धार्मिक परंपरा, तप और आत्मचिंतन का अनुपम संगम माने जाने वाले चातुर्मास के शुभ अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर उपरोचिया जैसवाल जैन पंचायती मंदिर, छीपीटोला में विद्यामृत वर्षायोग 2025 का आयोजन बड़े ही भक्तिभाव और भव्यता के साथ होने जा रहा है। 14 जुलाई सोमवार दोपहर 1 बजे, निर्मल सेवा सदन (रकाबगंज थाना के पीछे) स्थित मंदिर प्रांगण में कलश स्थापना समारोह का आयोजन होगा, जिसमें देशभर से श्रद्धालु शामिल होंगे।

Jul 13, 2025 - 17:54
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छीपीटोला में चातुर्मास की दिव्यता का आरंभ: श्री पार्श्वनाथ मंदिर में होगा पावन विद्यामृत वर्षायोग
छीपीटोला में होने जा रहे विद्यामृत वर्षायोग के बारे में पोस्टर का विमोचन करते आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारी। बीच में मौजूद हैं मुनि सौम्य सागर महाराज। 

-14 जुलाई को मुनि श्री सौम्य सागर व निश्चल सागर महाराज के सान्निध्य में होगा भव्य कलश स्थापना समारोह

यह जानकारी एक प्रेसवार्ता में श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मनोज कुमार जैन वल्लो, मंत्री मुरारीलाल जैन और चातुर्मास संयोजक अनिल फौजी व अन्य पदाधिकारियों ने दी।

चातुर्मास: तप, साधना और आत्मकल्याण का कालखंड

मुनि श्री सौम्य सागर महाराज ने इस मौके पर चातुर्मास की व्याख्या करते हुए बताया कि यह चार महीने –श्रावण, भाद्रपद, अश्विन व कार्तिक – व्रत, तपस्या, स्वाध्याय और आत्मशुद्धि का विशेष अवसर होते हैं। आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी से प्रारंभ होकर कार्तिक अमावस्या तक चलने वाला यह कालखंड आत्म अनुशासन और आध्यात्मिक उन्नयन के लिए समर्पित होता है। इन चार महीनों में मुनिगण एक ही स्थान पर रहकर प्रवचन, स्वाध्याय, समाधि, तत्त्वचिंतन और श्रमण धर्म का प्रचार-प्रसार करते हैं।

समस्या से तपस्या और भोग से योग की ओर ले जाता है चातुर्मास

मुनि श्री ने कहा कि समस्या से तपस्या की ओर, भोग से योग की ओर, और असमत्व से समत्व की ओर बढ़ने का नाम ही चातुर्मास है। उन्होंने बताया कि इन चार महीनों में जीवों की उत्पत्ति अधिक होती है, इसलिए अहिंसा को सर्वोच्च रखते हुए मुनिगण एक स्थान पर रहकर तप-साधना करते हैं, ताकि किसी प्रकार की हिंसा से बचा जा सके।

कलश स्थापना से होगा शुभारंभ, विविध धार्मिक आयोजन होंगे संपन्न

कलश स्थापना समारोह मुनि श्री सौम्य सागर और मुनि श्री निश्चल सागर महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न होगा। चातुर्मास काल में मुक्ति मार्ग का बोध कराने वाले विभिन्न पर्व जैसे मोक्ष सप्तमी, रक्षाबंधन, दशलक्षण धर्म पर्व, पर्युषण महापर्व धूमधाम से मनाए जाएंगे।

समिति के इन पदाधिकारियों की उपस्थिति रही

इस मौके पर अक्षय जैन, संजीव जैन, प्रवेश जैन, सतेन्द्र जैन, मनोज जैन, राकेश जैन, दीपक जैन, चन्द्रमोहन जैन, हेमन्त जैन एवं मीडिया प्रभारी दिलीप जैन भी उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं से आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।

SP_Singh AURGURU Editor