मण्डल आयुक्त का एक्शन मोड, जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण, यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे रोकने को सख्त निर्देश
मण्डल आयुक्त नगेन्द्र प्रताप ने आगरा जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर गंदगी, शौचालयों की बदहाली और दवा स्टॉक में लापरवाही पर सख्त नाराज़गी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। वहीं मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर डीआईजी के साथ बैठक कर बिना परमिट, ओवरलोड और ओवरस्पीड वाहनों पर सख्ती, सीसीटीवी, फेंसिंग सुधार और जनसुविधाओं के विस्तार के निर्देश जारी किए।
स्वास्थ्य व्यवस्था से लेकर सड़क सुरक्षा तक, प्रशासन ने कसी कमान
आगरा/मथुरा। मण्डल आयुक्त नगेन्द्र प्रताप शनिवार को पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। एक ओर उन्होंने आगरा जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी, तो दूसरी ओर मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर कड़े निर्देश जारी किए।
जिला अस्पताल में गंदगी व लापरवाही पर नाराज़गी
मण्डल आयुक्त सबसे पहले जिला अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने कुल पंजीकरण की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद पैथोलॉजी सेंटर में एक्स-रे मशीन से हो रही जांच की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यहां प्रतिदिन लगभग 200 जांचें की जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान परिसर में बने शौचालयों की खराब स्थिति, गंदगी और जाले पाए जाने पर आयुक्त महोदय ने कड़ी नाराज़गी जताई और तत्काल साफ-सफाई व ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
आईसीयू व एनआरसी वार्ड की जांच
मंडलायुक्त ने एनआरसी वार्ड में भर्ती मरीजों व उपचार व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही आईसीयू ब्लॉक के जर्जर शौचालयों के तत्काल जीर्णोद्धार के आदेश दिए।
जनऔषधि केंद्र पर फटकार
उन्होंने जनऔषधि केंद्र और फार्मेसी काउंटर पर दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की। मंडलायुक्त ने दवा वितरण काउंटर पर गंदगी, स्टॉक रजिस्टर अपडेट न होने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिदिन स्टॉक रजिस्टर अपडेट हो और पूरे परिसर में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों पर लगाम को लेकर हाईलेवल मीटिंग
इसके बाद मण्डल आयुक्त नगेन्द्र प्रताप एवं डीआईजी शैलेश कुमार पाण्डेय ने मांट टोल प्लाजा पर यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी और मथुरा जिला प्रशासन के साथ बैठक कर सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की गहन समीक्षा की।
बिना परमिट वाहनों पर सख्ती
मंडलायुक्त ने आगरा–नोएडा एक्सप्रेसवे पर चल रहे भारी वाहनों के परमिट की वैधता जांच, बिना परमिट वाहनों को एक्सप्रेसवे पर प्रवेश न देने के निर्देश दिए। उन्होंने टोल प्लाजा पर स्कैनर व परमिट डेटाबेस सॉफ्टवेयर लगाने के आदेश दिए, ताकि अलर्ट सिस्टम से तत्काल कार्रवाई हो सके।
सुरक्षा और सुविधा के निर्देश
बैठक में एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर बड़े साइनेज बोर्ड व हेल्पलाइन नंबर, फूड प्वाइंट पर भारी वाहनों की पार्किंग समस्या के समाधान हेतु बस-ट्रक ले-बाय निर्माण, पीपीपी मोड पर वृहद जनसुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
आवारा पशु व फेंसिंग पर विशेष फोकस
बैठक में कैटल कैचर वाहनों का लगातार मूवमेंट, कटी-फटी बाढ़-तार फेंसिंग की मरम्मत, पूरे यमुना एक्सप्रेसवे को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित करने के निर्देश दिए। डीआईजी शैलेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ओवरलोड व ओवरस्पीड वाहनों पर जुर्माने सहित सख्त कार्रवाई की जाए। इमरजेंसी एग्जिट प्वाइंट को सक्रिय किया जाए। मानकों के विपरीत चल रही डबल डेकर/स्लीपर बसों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
बैठक में मौजूद रहे
बैठक में जिलाधिकारी मथुरा सीपी सिंह, एसएसपी मथुरा श्लोक कुमार, एडीएम वित्त पंकज कुमार, एसपी सिटी व यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।