राजकीय शिशु गृह में मंडलायुक्त का औचक निरीक्षण, बच्चों से बातचीत में झलकी आत्मीयता

शासन की संवेदनशील मंशा को धरातल पर परखने निकले मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह ने शनिवार को जब राजकीय बाल गृह (शिशु) आगरा में बच्चों के बीच समय बिताया, तो माहौल भावनाओं, स्नेह और संवाद से भर उठा। उन्होंने न केवल संस्थान की व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की, बल्कि बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनके मन की बात भी जानी।

Oct 18, 2025 - 19:24
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राजकीय शिशु गृह में मंडलायुक्त का औचक निरीक्षण, बच्चों से बातचीत में झलकी आत्मीयता
राजकीय शिशु गृह में बच्चों के बीच मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह।

आगरा। सदर तहसील के डीआईओएस परिसर स्थित राजकीय बाल गृह (शिशु) शनिवार को प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदना, दोनों का साक्षी बना। मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह ने संस्थान का औचक निरीक्षण किया और बच्चों की पढ़ाई, रहन-सहन, खानपान व दैनिक दिनचर्या की गहराई से समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ने कमरों, रसोईघर, स्टोर, लाइब्रेरी, क्लासरूम और खेल मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए उनके अध्ययन, पसंदीदा विषयों और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा। आत्मविश्वास से भरे जवाबों ने अधिकारियों को प्रसन्न कर दिया।

डिजिटल शिक्षा और खेल गतिविधियों पर जोर

निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ने उपमुख्य परिवीक्षा अधिकारी श्रुति शुक्ला को निर्देश दिए कि बाल गृह में स्मार्ट क्लास और डिजिटल बोर्ड की सुविधा शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा मिल सके।
खेल मैदान के निरीक्षण के दौरान उन्होंने झूले लगाने और खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनोरंजन और खेल, बच्चों के मानसिक विकास की रीढ़ हैं।

साफ-सफाई और अनुशासन पर दिए निर्देश

मण्डलायुक्त ने परिसर की नियमित सफाई व्यवस्था, बच्चों की अनुशासित दिनचर्या और उनके मानसिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को न केवल सुरक्षा और शिक्षा चाहिए, बल्कि आत्म-सम्मान और अपनत्व का वातावरण भी मिलना चाहिए।

सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खिले

निरीक्षण के अंत में मण्डलायुक्त ने बच्चों को खाद्य सामग्री और शिक्षण सामग्री वितरित की। बच्चों के चेहरों पर चमकती मुस्कान ने माहौल को भावनात्मक बना दिया।
उन्होंने कहा कि इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा, पोषण और संस्कार की त्रिवेणी को निरंतर मजबूत किया जाएगा।

इस अवसर पर संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षिकाएँ उपस्थित रहीं, जिन्होंने मण्डलायुक्त को व्यवस्थाओं की जानकारी दी और सुधार के सुझाव साझा किए।

SP_Singh AURGURU Editor