स्कूल बसों की फिटनेस पर मंडलायुक्त सख्त, जिलाधिकारियों को खुद मैदान में उतरने का आदेश

-गौरव प्रताप सिंह- आगरा। जिले के एत्मादपुर क्षेत्र में विगत 11 मार्च को बस का फर्श टूटने से एक मासूम छात्रा की दर्दनाक मौत की घटना पर मंडलायुक्त ने गंभीर कड़ा अपनाया है। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में स्कूल बसों की फिटनेस को लेकर सख्त रुख अपनाया और मंडल के सभी जिलाधिकारियों को व्यक्तिगत निगरानी में स्कूल बसों की व्यापक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साफ संदेश है- अब जर्जर स्कूल बसें सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी।

Mar 25, 2026 - 19:29
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स्कूल बसों की फिटनेस पर मंडलायुक्त सख्त, जिलाधिकारियों को खुद मैदान में उतरने का आदेश
मंडल स्तरीय कर-करेत्तर एवं राजस्व वाद समीक्षा बैठक में मौजूद मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप और आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी।

बुधवार को मंडलायुक्त सभागार में आयोजित मंडल स्तरीय कर-करेत्तर एवं राजस्व वाद समीक्षा बैठक में एत्मादपुर के भागुपूर गांव में 11 मार्च को हुई दर्दनाक घटना का मुद्दा छाया रहा, जहां आरबीएस स्कूल की बस के टूटे फर्श से गिरकर छात्रा नैना की मौत हो गई थी। इस घटना पर गंभीर नाराजगी जताते हुए मंडलायुक्त ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं निगरानी में सभी स्कूल बसों की फिटनेस जांच कराएं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन बसों की फिटनेस, बीमा या प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त हो चुकी है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह केवल औपचारिक जांच नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला है।

बैठक में कर वसूली की भी विस्तृत समीक्षा की गई। वाणिज्य कर में मथुरा की प्रगति अन्य जिलों से बेहतर पाई गई, जबकि स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन में मैनपुरी और मथुरा ने बेहतर प्रदर्शन किया। आबकारी मद में भी मथुरा आगे रहा।

हालांकि परिवहन मद में आगरा और मथुरा की स्थिति सबसे कमजोर रही, जिस पर मंडलायुक्त ने नाखुशी जताते हुए वित्तीय माह के अंत तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। विद्युत मद में आगरा और मथुरा ने लक्ष्य से अधिक वसूली की, जबकि फिरोजाबाद और मैनपुरी को लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिए गए। खनिज मद में फिरोजाबाद और मैनपुरी काफी पीछे पाए गए।

राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान धारा 24, 34, 67, 80 और 116 के मामलों का जनपदवार विश्लेषण किया गया। सर्वश्रेष्ठ और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली पांच-पांच तहसीलों की रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए खराब प्रदर्शन करने वाली तहसीलों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के सख्त निर्देश दिए गए।

बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार, आगरा जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी, मथुरा जिलाधिकारी सीपी सिंह, फिरोजाबाद जिलाधिकारी रमेश रंजन, मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त शुभांगी शुक्ला और विशु राजा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इस सख्ती के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ एक हादसे तक सीमित रहेगी, या अब सच में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी?

SP_Singh AURGURU Editor