मंडलायुक्त का सख्त रुख, आगरा की प्रगति पर नाराज़गी, मैनपुरी को सराहना
आगरा। मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कर करेत्तर कार्यों, राजस्व वाद निस्तारण और विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने बीएलओ के कार्यों की सख्त मॉनिटरिंग और लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि तहसील स्तर पर समर्पित टीमें गठित की जाएं जो एसआईआर कार्यों की नियमित निगरानी करें। बीएलओ और सुपरवाइजर अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता से पालन करें।
आगरा। मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कर करेत्तर कार्यों, राजस्व वाद निस्तारण और विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने बीएलओ के कार्यों की सख्त मॉनिटरिंग और लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि तहसील स्तर पर समर्पित टीमें गठित की जाएं जो एसआईआर कार्यों की नियमित निगरानी करें। बीएलओ और सुपरवाइजर अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता से पालन करें।
कर और वसूली में निर्देश
उन्होंने फिरोजाबाद व मैनपुरी को वाणिज्य कर वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए । स्टाम्प व रजिस्ट्रेशन शुल्क वसूली फिरोजाबाद और मैनपुरी को कमजोर मानते हुए सुधार के आदेश दिए। मंडलायुक्त ने खनन के मामले में मैनपुरी की प्रगति को सराहनीय बताया, जबकि मथुरा और फिरोजाबाद को सुधार के निर्देश दिए। ओवरऑल वसूली में आगरा की स्थिति खराब मिलने पर नाराजगी व्यक्त की, जबकि मैनपुरी और मथुरा की वसूली को संतोषजनक बताया ।
कृषक दुर्घटना योजना और अंश निर्धारण
मंडलायुक्त ने मथुरा में 109 लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के आदेश दिए। अंश निर्धारण में फिरोजाबाद की प्रगति बेहतर रही, जबकि मथुरा और मैनपुरी को गति देने के निर्देश मिले।
राजस्व वाद निस्तारण पर समीक्षा
राजस्व वादों की रैंकिंग में मैनपुरी तीसरे, आगरा 9वें, मथुरा 25वें और फिरोजाबाद 26वें स्थान पर रहे।
मंडलायुक्त ने आदेश दिया कि 5 वर्ष से अधिक पुराने वादों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। उन्होंने आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद में धारा 24, 33, 34, 38(2), 67, 101 व 116 के तहत लंबित मामलों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि उपजिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर पर हर माह कम से कम 100 वादों का निस्तारण अनिवार्य किया जाए।
लापरवाही पर फटकार
बाह, सिरसागंज, खेरागढ़ और टूंडला के अधिकारियों को पोर्टल पर वाद प्रविष्टि में लापरवाही के लिए कड़ी फटकार लगाई गई। साथ ही लंबित पत्रावलियों को शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।