डीएम ने दिए वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन करने के निर्देश, अपात्रों को नहीं मिलेगा लाभ
आगरा। बुजुर्गों को बेहतर जीवन देने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना चलाई जा रही है। वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही योजना का लाभ पहुंच सके, इसके लिए नए वित्तीय वर्ष 2025-26 में पेंशन भुगतान के लिए सूची में शामिल लाभार्थियों के सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया गया है।
मुख्य सचिव के शासनादेश के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा समस्त उपजिलाधिकारियों व खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिसके अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के 73235 लाभार्थियों का सत्यापन 30 अप्रैल तक किया जाएगा। मृतक एवं अपात्र पाए गए पेंशनरों को सूची से हटाकर, उनकी जगह नए पात्र लाभार्थियों को लाभांवित किया जाएगा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन हेतु 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बीपीएल आय सीमा के अंतर्गत वृद्धजनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की पेंशन डीबीटी के माध्यम से तिमाही प्रदान की जा रही है। इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है।
ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक की वार्षिक आय 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्र में वार्षिक आय 56,460 रुपये से कम होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में सत्यापन खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से और शहरी क्षेत्र में जिलाधिकारी द्वारा नामित उपजिलाधिकारी अथवा अधिशाषी अधिकारी के माध्यम से करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निदेशक, समाज कल्याण द्वारा समस्त मंडलीय उप निदेशक एवं समाज कल्याण अधिकारियों को रेण्डम क्रॉस वेरिफिकेशन करते हुए सत्यापन की गुणवत्ता का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके आधार पर जीवित पेंशनर्स को मृतक दर्शाए जाने वाले सत्यापनकर्ता अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ जिलाधिकारी द्वारा दंडात्मक कार्यवाई की जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश दिए गये हैं कि विभागीय अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सत्यापन समयबद्ध और गुणवत्तापरक हो।
उन्होंने अवगत कराया है कि जीरो पावर्टी अभियान के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा हर गांव से 25 परिवार चिन्हित किए गए हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इन परिवारों को समाज की मुख्य की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा कार्यवाही शुरू कर दी गई है। चिन्हित परिवारों के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के वृद्धजनों को भी सत्यापन के दौरान पात्रता के अनुसार आवेदन करवाए जाएंगे और उनको लाभ दिलवाया जाएगा। पात्र लाभार्थियों को जून माह से प्रथम किश्त की पेंशन दी जाएगी। इस योजना को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का प्रयोग कर कई ठोस कदम उठाए गए हैं।