डीएम के औचक निरीक्षण में खुली जिला अस्पताल की पोल, गंदगी देख अधिकारियों को लगाई फटकार
आगरा। संयमित व्यवहार के धनी जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी का एक अलग ही रूप मंगलवार को देखने को मिला, जब उन्होंने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के भीतर फैली गंभीर गंदगी और लापरवाही देख डीएम का पारा चढ़ गया और उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों की जमकर क्लास ली।
वार्डों में पूछताछ, परिसर में गंदगी देख भड़के डीएम
निरीक्षण की शुरुआत में डीएम ने ओपीडी, महिला वार्ड, बच्चा वार्ड और इमरजेंसी में व्यवस्थाएं देखीं और मरीजों व तीमारदारों से भोजन, दवाई, डॉक्टरों की उपलब्धता एवं देखभाल को लेकर जानकारी ली। मरीजों ने व्यवस्था को लेकर संतोष जताया, लेकिन जैसे ही डीएम ने अस्पताल परिसर का दौरा शुरू किया, तो हालात बदले नजर आए।
डायलिसिस भवन, प्राइवेट वार्ड के पास फैली गंदगी, वार्डों के सामने लगे कूड़े के ढेर और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था को देखकर डीएम का धैर्य टूट गया।
सीएमएस और सफाई कर्मचारियों को लगाई फटकार
डीएम ने तत्काल सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार, अस्पताल मैनेजर मोहित भारती और सफाई सुपरवाइजर को मौके पर बुलाया और तीखे सवाल दागने शुरू किए। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी जगह पर गंदगी होना बेहद शर्मनाक है। जब सीएमएस सफाई देने लगे, तो डीएम ने उन्हें बीच में ही टोकते हुए कहा, क्या आपकी आंखें बंद हैं? आपको गंदगी नहीं दिखती? डीएम के ये तेवर देख अधिकारी निरुत्तर रह गए।
23 में से 9 सफाई कर्मी ही मिले उपस्थित
जब डीएम ने सफाई व्यवस्था को लेकर जानकारी ली, तो बताया गया कि अस्पताल में 23 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन निरीक्षण के समय सिर्फ 9 कर्मचारी ही मौके पर मौजूद मिले। इसपर जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों, सफाई एजेंसी और टेंडर प्रक्रिया को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
उन्होंने निर्देश दिए कि एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही हेतु स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा जाए।
साफ-सफाई और निगरानी के सख्त निर्देश
डीएम ने निर्देश दिया कि हर वार्ड के बाहर डस्टबिन रखवाए जाएं। प्रतिदिन परिसर की सफाई सुनिश्चित की जाए। मरीज व तीमारदारों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान हेतु नगर निगम को निर्देश भेजा जाए।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी मौजूद रहे
निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार, अस्पताल मैनेजर मोहित भारती, डॉ. सीपी वर्मा समेत अन्य वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने साफ किया कि भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और लापरवाही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।