हजारों फीट की ऊंचाई पर बच्ची की ज़िंदगी के रखवाले बने डॉक्टर नूरुल, डॉक्टर डे बना यादगार

-आरके सिंह- बरेली। डॉक्टर्स डे पर जहां पूरा देश चिकित्सकों के योगदान को सलाम कर रहा था, वहीं इंडिगो की बेंगलुरु से बरेली आ रही फ्लाइट में एक डॉक्टर ने सच में भगवान बनकर एक मासूम की जान बचा ली। उड़ान के दौरान अचानक एक दो साल की बच्ची की सांसें अटक गईं, पूरा विमान घबराहट में था, लेकिन तभी डॉ. नूरुल कमर मलिक ने अपनी विशेषज्ञता और तत्परता से उस बच्ची की जान बचा ली।

Jul 2, 2025 - 18:41
Jul 2, 2025 - 18:43
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हजारों फीट की ऊंचाई पर बच्ची की ज़िंदगी के रखवाले बने डॉक्टर नूरुल, डॉक्टर डे बना यादगार
अपने परिजनों के साथ वह बच्ची, जिसकी फ्लाइट में तबीयत खराब हुई थी। दाएं डॊक्टर नूरुल कमर मलिक।

-बेंगलुरु से बरेली आ रही फ्लाइट में दो साल की बच्ची का गला चोक हो गया था, जान बचाने पर फ्लाइट में डॊक्टर के लिए बजीं तालियां

अचानक फ्लाइट में गूंजी इमरजेंसी की आवाज़

फ्लाइट संख्या 6E941 ने सुबह 11:40 बजे बेंगलुरु से उड़ान भरी थी। एक घंटे बाद सीट संख्या 10F पर बैठी एक बच्ची अचानक बेहोश हो गई। बच्ची बिस्कुट खा रही थी और उसी दौरान दौरा पड़ने के कारण बिस्कुट गले में अटक गया। सांस नली चोक हो गई और बच्ची का शरीर नीला पड़ने लगा। मां ने मदद की गुहार लगाई तो फ्लाइट में अफरा-तफरी मच गई। क्रू मेंबर्स ने इमरजेंसी अनाउंस करते हुए पायलट को मैसेज भेजा।

डॉक्टर ने हालात पर पाया काबू

शोर सुनकर फ्लाइट में मौजूद पीलीभीत निवासी डॉ. नूरुल कमर मलिक तुरंत मदद को पहुंचे। न्यूबॉर्न केयर विशेषज्ञ डॉ. नूरुल ने बच्ची को प्राथमिक उपचार दिया, जिससे वह पांच मिनट में होश में आ गई। उन्होंने बच्ची को आवश्यक दवाइयां भी दीं, जिससे उसकी हालत सामान्य हो गई। इस पूरे घटनाक्रम में इमरजेंसी लैंडिंग की जरूरत नहीं पड़ी और फ्लाइट ने सामान्य रूप से अपनी यात्रा पूरी की।

डॉक्टर्स डे पर मिला सेवा का अवसर

डॉ. नूरुल ने कहा, यह एक पैनिक सिचुएशन थी। अगर समय पर इलाज न होता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। डॉक्टर्स डे पर सेवा का ऐसा मौका मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।

बता दें कि डॉ. नूरुल कमर मलिक ने हाल ही में राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, कर्नाटक से डीएम (कार्डियोलॉजी) की पढ़ाई पूरी की है और अब पीलीभीत और बरेली में सेवा देंगे। इससे पहले वे महिला अस्पताल, पीलीभीत में एसएनसीयू यूनिट का संचालन कर चुके हैं।

फ्लाइट में गूंजीं तालियां

घटना के बाद फ्लाइट के पायलट, क्रू और सभी यात्रियों ने तालियां बजाकर डॉक्टर को धन्यवाद कहा। फ्लाइट करीब 15 मिनट की देरी से बरेली पहुंची। एयरपोर्ट पर मौजूद बच्ची के पिता ने डॉक्टर का आभार जताया और भावुक होकर कहा, आज हमारी बच्ची दूसरी बार जन्मी है।

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SP_Singh AURGURU Editor