ज्ञान, संवाद और संस्कृति से सजेगा डॉक्टर्स डे: आईएमए आगरा का अनूठा आयोजन 29 जून को
आगरा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आगरा इस बार डॉक्टर्स डे को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने देगी, बल्कि इसे ज्ञान, विचार-विमर्श और संस्कृति का एक ऐसा संगम बनाने जा रही है जो चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगा। आगामी 29 जून को होटल ग्रैंड मर्क्यूर, आगरा में आयोजित यह आयोजन पूरे चिकित्सा समुदाय को एक साथ लाने और उन्हें समसामयिक चिकित्सकीय विषयों पर अद्यतन करने का कार्य करेगा।
सतत चिकित्सा शिक्षा होगी केंद्र में
आईएमए आगरा के सचिव डॉ. रजनीश मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष डॉक्टर्स डे का आयोजन सतत चिकित्सा शिक्षा के व्यापक कार्यक्रम के रूप में किया जा रहा है। इस अवसर पर विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञ वरिष्ठ नागरिकों में रोगों की रोकथाम, सेप्सिस की पहचान और प्रबंधन, आईसीयू देखभाल के नवीनतम उपाय, सर्जिकल जटिलताओं से बचाव, बाल यौन शोषण का चिकित्सीय दृष्टिकोण, मेडिको-लीगल समाधान, हृदय रोगों की रोकथाम, कैंसर की प्रारंभिक जांच, और ट्रॉमा के समय जीवन रक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
एक मंच पर जुटेंगे विशेषज्ञ
आईएमए कोषाध्यक्ष डॉ. मुकेश भारद्वाज ने बताया कि आयोजन में शहर के प्रमुख विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल होंगे। साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ. दीप्तिमाला ने कहा कि कार्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह केवल जानकारी नहीं, बल्कि गहन विचार-विमर्श, केस स्टडी और व्यवहारिक समाधान का मंच बनेगा।
सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा आयोजन
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित ने कहा कि यह बहुआयामी आयोजन डॉक्टरों को सिर्फ चिकित्सकीय ज्ञान नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना, संवाद और सहयोग की भावना से भी सशक्त करेगा। यह स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम से मिलेगा आयोजन को संतुलन
डॉ. करन रावत और सांस्कृतिक सचिव डॉ. अमिता सिंह ने बताया कि यह आयोजन 1 जुलाई को रंगारंग सांस्कृतिक संध्या के साथ संपन्न होगा, जिसमें डॉक्टर अपने गायन, नृत्य, नाटक और हास्य प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। यह डॉक्टरों की रचनात्मकता को मंच देने के साथ-साथ तनावमुक्ति और पारस्परिक सौहार्द का माध्यम भी बनेगा।
एक डॉक्टर, अनेक रूप
डॉ. पंकज नगायच ने कहा कि यह आयोजन साबित करेगा कि एक डॉक्टर न केवल चिकित्सा विशेषज्ञ होता है, बल्कि वह शिक्षक, समाज सुधारक और कलाकार की भूमिका भी समान रूप से निभा सकता है। आईएमए आगरा की यह पहल देशभर की मेडिकल संस्थाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनेगी।