आह्वान होते ही उठ खड़े हुए दानवीर, वनवासियों के कल्याण को खोला खजाना
आगरा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विवि की कुलपति प्रो. आशु रानी ने विवि के एमएसडब्ल्यू के छात्रों से वनबंधु परिषद द्वारा चलाए जा रहे सेवा कार्यों से जुड़ने का आव्हान किया। सूरसदन में वनबंधु परिषद् आगरा चैप्टर के वार्षिक उत्सव आज रंगारंग नाट्य प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें आगरा के प्रमुख महाविद्यालयों ने देशभक्ति एवं सनातन संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से उपस्थित दर्शकों की जमकर तालियां बटोरीं।
-
वनबंधु परिषद के वार्षिकोत्सव में छात्र-छात्राओं ने दी नाटय प्रस्तुति
मुख्य अथिति डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की कुलपति प्रो. आशु रानी ने कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया। वार्षिकोत्सव में प्रमुख रूप से आगरा के महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की भगवान श्री राम, श्री कृष्ण व देश भक्ति पर आधारित नाटय प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
चैप्टर सचिव राजेश वर्मा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उपस्थितजनों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे उदार हृदय से अभावग्रस्त वनवासी भाइयों की करुण पुकार सुनें तथा अपने अथवा अपने पाल्यों के जन्मदिन व अन्य मांगलिक अवसर पर 30,000 रूपये सहयोग राशि के रूप में देकर एक विद्यालय एक वर्ष के लिए गोद लें। इस दौरान कई लोगों ने वनवासी कल्याण के लिए सहयोग राशि प्रदान की।
संस्था के संस्थापक एवं पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरपी मंगल, अध्यक्ष रामरतन मित्तल, कोषाध्यक्ष दीपक कुमार, रवि अग्रवाल, उपाध्यक्ष विजय कुमार खन्ना, हरिओम अग्रवाल, सचिव राजेश वर्मा, संयोजक गोविन्द्र प्रसाद अग्रवाल, अनिल गोयल, विरेन्द्र सिंघल, सुरेन्द्र कुमार शर्मा, सुनील शर्मा, अशोक कुमार अग्रवाल, डॉ. जीएस जैन, नरेन्द्र, देवेन्द्र वाजपाई, प्रो. अमित अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, आदि वनबन्धु परिवार के सभी सदस्यों द्वारा कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
वनबन्धु परिषद् आगरा महिला समिति से नोर्थ जॉन मकर संक्रान्ति प्रभारी लता जैन, पूर्व अध्यक्षा सुरभी बंसल, अध्यक्षा सुमन जैन, सचिव अनु अग्रवाल, शालिनी गर्ग, सुधा अग्रवाल, सुमन अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, शशी कंसल, रंजना अग्रवाल आदि मौजूद रहीं।
इस अवसर पर चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. आरपी मंगल का उनकी दीर्घकालिक समाजसेवा व चिकित्सकीय सेवाओं के लिए स्मृति चिह्न एवं शाल पहनाकर अभिनंदन किया।