शिक्षा का आंदोलन बने डॊ. अरुण शर्माः अभावों से सफलता तक की प्रेरक यात्रा

आगरा। शिक्षा केवल नौकरी या करियर का साधन नहीं, बल्कि समाज में बदलाव की सबसे सशक्त ताक़त है। इसी विचार को जीवन का संकल्प बनाकर इनायतपुर के साधारण परिवार से निकलकर डॉ. अरुण शर्मा ने आगरा मंडल में शिक्षा का एक आंदोलन खड़ा कर दिया। आज वह केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेरणा और संघर्ष से सफलता तक की मिसाल बन चुके हैं।

Sep 5, 2025 - 16:24
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शिक्षा का आंदोलन बने डॊ. अरुण शर्माः अभावों से सफलता तक की प्रेरक यात्रा
डॊ. अरुण शर्मा।

बचपन का संघर्ष और शिक्षा की प्यास

गरीब परिवार में जन्मे अरुण शर्मा का बचपन अभावों से भरा था। किताबें जुटाना मुश्किल, स्कूल की फ़ीस भरना चुनौती, लेकिन शिक्षा के प्रति लगन और जज़्बा इतना प्रबल था कि तमाम रुकावटें भी हार मान गईं। उनके लिए शिक्षा साधारण पढ़ाई नहीं, बल्कि जीवन को बदलने का सबसे बड़ा हथियार थी।

टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज और कॉर्पोरेट सफलता

संघर्षों को मात देते हुए उन्होंने देश के शीर्ष 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाया। डिग्री पूरी करने के बाद भारत की शीर्ष 3 सॉफ़्टवेयर कंपनियों में सॉफ़्टवेयर इंजीनियर बने। यह उपलब्धि इस तथ्य का प्रमाण बनी कि सही दिशा में प्रयत्नशील शिक्षा परिस्थितियों को पूरी तरह बदल सकती है।

ज्ञान का असली मूल्य – साझा करने में

कॉर्पोरेट जीवन की सफलता के बावजूद उनके भीतर एक विचार बार-बार गूंजता रहा- ज्ञान का वास्तविक मूल्य तभी है, जब वह दूसरों तक पहुंचे।
यही सोच उन्हें फिर से शिक्षा की ओर खींच लाई। उन्होंने छोटे से कमरे में कक्षाएं शुरू कीं, जो जल्द ही छात्रों के सपनों को दिशा देने वाली पहली सीढ़ी बन गईं।

मोशन अकैडमीः शिक्षा को आंदोलन का रूप

साल 2017-18 में आगरा में मोशन अकैडमी की स्थापना हुई। इस सफ़र में उनके छोटे भाई विशाल शर्मा की भी अहम भूमिका रही। दोनों भाइयों ने मिलकर इसे आगरा मंडल का सबसे विश्वसनीय कोचिंग संस्थान बना दिया है। आज मोशन अकैडमी IIT-JEE और NEET की तैयारी में अग्रणी नामों में गिना जाता है। सिर्फ सात वर्षों में मोशन अकैडमी से निकलकर हज़ारों छात्र सफलता की राह पर बढ़े हैं। आगरा मंडल के तमाम टॉपर्स यहीं से निकले। छात्रों का कहना है कि शर्मा सर केवल शिक्षक नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और प्रेरणा का स्रोत हैं।

अपनी मिट्टी का ऋण – इनायतपुर में इंटरनेशनल स्कूल

शिक्षा के अधिकार को गांव और शहर के बीच बराबर बांटने की सोच से अरुण शर्मा ने अपने गांव इनायतपुर में मोशन इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना भी की है। यह केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि इस संकल्प का प्रतीक है कि गांव का बच्चा भी विश्वस्तरीय अवसर पाए और सपनों को साकार कर सके।

जीवन दर्शन – शिक्षा से ही बदलाव

डॉ. अरुण शर्मा का स्पष्ट मानना है कि गरीबी कोई स्थायी सत्य नहीं है। यह केवल परिस्थिति है, जिसे शिक्षा, मेहनत और धैर्य से बदला जा सकता है।
उनके अनुसार, शिक्षा केवल व्यक्तिगत जीवन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी बदलने की शक्ति रखती है। उनका छात्रों से कहना है कि सपने देखो और उन्हें पूरा करने के लिए जी-जान से मेहनत करो। हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, शिक्षा और दृढ़ निश्चय साथ हों तो कोई सपना अधूरा नहीं रह सकता।

SP_Singh AURGURU Editor