डॊ. बबिता चौहान बोलीं- महिलाओं का अधिकांश उत्पीड़न घरों की चारदीवारी के अंदर

आगरा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार हर बेटी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अपराधी चाहे नीयत बिगाड़े, लेकिन छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश उत्पीड़न घर की चारदीवारी में हो रहा है।

Oct 13, 2025 - 21:02
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डॊ. बबिता चौहान बोलीं- महिलाओं का अधिकांश उत्पीड़न घरों की चारदीवारी के अंदर
सर्किट हाउस में सोमवार को पीड़ित महिलाओं की सुनवाई करतीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॊ. बबिता सिंह चौहान। साथ हैं पुलिस अधिकारी।

-आगरा में महिलाओं की पीड़ा को मिली आवाज़, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष ने की प्रभावी जन सुनवाई

डॊ. बबिता सिंह चौहान सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर प्रभावशाली जन सुनवाई कर रही थीं। इस मौके पर घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और पारिवारिक शोषण जैसी गंभीर शिकायतें लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं आईं।

डॉ. बबीता चौहान ने सुनवाई में संवेदनशीलता और सख्ती दोनों का परिचय दिया। कई महिलाओं के बच्चों को चॉकलेट देकर सांत्वना दी, वहीं थानाध्यक्ष और एसीपी को मौके पर फोन कर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।

जन सुनवाई से पूर्व आयोजित समीक्षा बैठक में अध्यक्ष ने अधिकारियों से पूर्व शिकायतों की प्रगति रिपोर्ट तलब की। 66 में से 65 मामलों के निस्तारण पर पुलिस विभाग की सराहना की गई। कौशल विकास मिशन की समीक्षा में 190 महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की जानकारी दी गई। रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के 188 लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पंचायतीराज विभाग व जिला कार्यक्रम अधिकारी को रिपोर्ट न देने पर फटकार भी लगाई।

हर फरियाद पर तत्काल एक्शन

मोना, निवासी कुम्हारपाड़ा ने बताया कि वैष्णो देवी हादसे में बेटी की मृत्यु के बाद पति ने उन्हें दूसरी बेटी के साथ घर से निकाल दिया। अध्यक्ष ने थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि पीड़िता को मुआवजा दिलाया जाए। एफआईआर दर्ज करें और बेटी को कन्या सुमंगला योजना में शामिल किया जाए।

फिरोजाबाद निवासी श्रीमती सोनी ने शिकायत की कि उनके पति ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दूसरी शादी कर ली। डॉ. चौहान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

जन सुनवाई में कुल 53 नए शिकायती आवेदन आए। इसमें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मानसिक व शारीरिक शोषण और ससुराल पक्ष द्वारा मारपीट के मामले शामिल थे। सभी मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।

त्योहारों के मद्देनजर डॉ. बबीता सिंह ने पुलिस को बाजारों में गश्त बढ़ाने और निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, महिलाएं 112 पर कॉल करें।

इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान, एसीपी शमसाबाद, प्रभारी महिला थाना अमीषा, डीपीओ अतुल सोनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्य, एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, एडीपीआरओ संदीप वर्मा और जिला कौशल विकास प्रबंधक अमित धाकरे सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor