यूपी में स्कूल-कॉलेज और कोचिंग जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश, संस्थानों व मार्गों के सीसीटीवी कैमरे जांचें, पुलिस गश्त बढ़ाएं और नोडल अधिकारी तैनात करें

लखनऊ/आगरा। छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने को कहा है। उन्होंने इन संस्थानों तथा इनके मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता जांचने, पुलिस गश्त बढ़ाने और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर उसकी सूचना महिला आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

Jul 9, 2026 - 21:17
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यूपी में स्कूल-कॉलेज और कोचिंग जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश, संस्थानों व मार्गों के सीसीटीवी कैमरे जांचें, पुलिस गश्त बढ़ाएं और नोडल अधिकारी तैनात करें
डॊ. बबिता सिंह चौहान।

डॉ. बबिता सिंह चौहान ने यह निर्देश हिंदुस्तान के आगरा संस्करण में प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद जारी किए हैं। आयोग ने माना कि शैक्षणिक संस्थानों और उनके आसपास छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निर्देशों के अनुसार सभी जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जनपदों में स्थित स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों का भौतिक सत्यापन कराएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इन संस्थानों तक आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह कार्यशील हों और उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था हो।

महिला आयोग ने यह भी कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास पुलिस की नियमित गश्त बढ़ाई जाए, ताकि छात्राओं एवं महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को समय रहते रोका जा सके।

आयोग ने सभी जनपदों में इन व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करने के भी निर्देश दिए हैं। नियुक्त नोडल अधिकारी सुरक्षा व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करेंगे तथा की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग को उपलब्ध कराएंगे।

डॉ. बबिता सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में संवेदनशीलता तथा गंभीरता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा से शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

महिला आयोग के इस निर्देश को प्रदेशभर में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल सुरक्षा तंत्र की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के आसपास निगरानी व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी।

SP_Singh AURGURU Editor