डॊ. डीके हाजरा की सलाह- बुढ़ापे को दूर रखना है तो तनाव, नशा और मोटापे से बनाएं दूरी, सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों में सक्रिय रहने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है
आगरा। पद्मश्री सम्मानित आगरा के वरिष्ठतम चिकित्सक डॉ. डीके हाजरा ने कहा कि यदि वृद्धावस्था को खुशहाल, सक्रिय और स्वस्थ बनाना है तो इसकी तैयारी रिटायरमेंट से पहले ही शुरू करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिटायर होने के बाद खाली बैठना सबसे बड़ी भूल है, क्योंकि निष्क्रियता से एजिंग की प्रक्रिया तेज हो जाती है। व्यक्ति को हर हाल में खुद को व्यस्त रखना चाहिए।
खाली बैठना बढ़ाता है एजिंग
जेरिएट्रिक सोसाइटी ऒफ इंडिया की कॊन्फ्रेंस (जेसीकॊन 2025) में डॉ. हाजरा ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद समय का सदुपयोग बेहद जरूरी है। सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों में भाग लेने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों बेहतर रहते हैं। उन्होंने कहा कि काम से दूरी नहीं, बल्कि काम का स्वरूप बदलना चाहिए, जिससे जीवन में उद्देश्य बना रहे।
तनाव, तंबाकू और मोटापा सबसे बड़े दुश्मन
उन्होंने चेताया कि तनाव, तंबाकू का सेवन और मोटापा वृद्धावस्था को तेजी से बढ़ाने वाले प्रमुख कारक हैं। इनसे न सिर्फ शरीर कमजोर होता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियां भी जन्म लेती हैं। स्वस्थ बुढ़ापे के लिए इनसे दूरी बनाना अनिवार्य है।
खुश रहने के ये हैं आसान उपाय
डॉ. हाजरा ने सुझाव दिया कि खुश और तनावमुक्त रहने के लिए बच्चों को पढ़ाना, ध्यान, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों को अपनाना चाहिए। साथ ही रोजमर्रा की दिनचर्या में 7 से 8 घंटे की पूरी नींद को शामिल करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच, नियमित दिनचर्या और सामाजिक जुड़ाव से न केवल उम्र बढ़ने की रफ्तार धीमी होती है, बल्कि जीवन का हर पड़ाव आनंदमय बनता है।