खूंखार नक्सली वेट्टी मंगडू को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, 11 अन्य नक्सली भी मारे गए
सुकमा जिले में मारे गए 12 नक्सलियों की पहचान हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में खूंखार नक्सली वेट्टी मंगडू भी मारा गया है। वह सैकड़ों जवानों का हत्यारा था।
सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की थी। सुकमा मुठभेड़ में कुख्यात माओवादी कोंटा एरिया कमेटी इंचार्ज (DVCM) वेट्टी मंगडू ऊर्फ मुक्का और कोंटा एरिया कमेटी सचिव माड़वी हितेश सहित कुल 12 माओवादियों के शव बरामद किए हैं। मारे गए नक्सलियों की पहचान कर ली गई है।
अधिकारियों ने बताया कि सुकमा मुठभेड़ में कुल 12 माओवादी कैडर मारे गए। जिनमें 5 महिला माओवादी भी शामिल थीं। मारे गए माओवादियों पर कुल 60 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
अधिकारियों ने बताया कि सुकमा जिले में आतंक के पर्याय बने कुख्यात माओवादी DVCM वेट्टी मंगडू ऊर्फ मुक्का को सुकमा में ढेर किया गया है। मंगडू 41 मामले में वांटेड था। वहीं, माड़वी हितेश के खिलाफ 14 मामले दर्ज थे। दोनों माओवादी अपने टीम के साथ कई बड़ी संगीन गंभीर वारदातों एवं निर्दोष ग्रामीणों के हत्याओं में शामिल रहे हैं। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में खतरनाक हथियार भी बरामद की गई।
सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया गया कि सुकमा जिले के दक्षिणी क्षेत्र किस्टाराम थाना क्षेत्राधिकार अंतर्गत पामलूर के जंगलों में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के आधार पर सुकमा डीआरजी द्वारा सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया गया है। अभियान के तहत सुकमा के दक्षिण क्षेत्र में डीआरजी की टीमें रवाना की गई थीं, अभियान दौरान सुबह लगभग 8 बजे से सुरक्षा बलों एवं नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ हुई है।
पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पी ने कहा कि “बस्तर क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में निरंतर एवं निर्णायक प्रगति हो रही है। हमारा स्पष्ट संदेश है कि हिंसा का कोई भविष्य नहीं है और संवैधानिक तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के माध्यम से ही बस्तर आगे बढ़ सकता है। जो माओवादी कैडर अभी भी हिंसा के रास्ते पर चल रहे हैं, उनसे अपील है कि वे समय रहते मुख्यधारा में लौटें और बस्तर के विकास, विश्वास एवं सौहार्द के अभियान का हिस्सा बनें।”
वेट्टी मंगडू उर्फ मुक्का सुकमा जिले के तोयापारा गोरगुण्डा का रहने वाला था। वह कोंटा-किस्टाराम एरिया कमेटी इंचार्ज था। उसके सिर पर 41 मामले जिनमें नागरिक हत्याएं, हमले, IED ब्लास्ट की साजिश शामिल हैं। वह 2006 में दरभागुड़ा वाहन विस्फोटक में शामिल था। इस हमले में 28 नागरिक मारे गए और 28 घायल हुए थे। 2006 में कोताचेरू आईआईडी विस्फोट हमला में जिसमें 9 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। 2007 में उरपालमेटा हमला जिसमें 23 जवान शहीद हुए थे। 2010 में ताड़मेटला चिंतागुफा हमला 76 जवान शहीद हुए थे।