शोध और नवाचार से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार : योगेंद्र उपाध्याय, ICMRP-2026 के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन, शोधार्थियों को मिले पुरस्कार

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय तृतीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च एंड प्रैक्टिस (ICMRP-2026) का रविवार को भव्य समापन हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने शोध, शिक्षा और नवाचार को देश के विकास का आधार बताते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। समापन समारोह में शोधपत्र, पोस्टर और वर्किंग मॉडल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

Nov 1, 2026 - 22:04
 0
शोध और नवाचार से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार : योगेंद्र उपाध्याय, ICMRP-2026 के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन, शोधार्थियों को मिले पुरस्कार
विवि के जेपी सभागार में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में बोलते कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय।

विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित जे.पी. ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. आशु रानी ने की। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय मुख्य अतिथि और एडवोकेट दीपक माहेश्वरी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में रोहन उप्पल सहित विभिन्न शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल साइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी विभाग और कृषि विभाग ने कौशांबी फाउंडेशन तथा नीलम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस एंड हॉस्पिटल के सहयोग से इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शोध, शिक्षा और नवाचार किसी भी राष्ट्र की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। विश्वविद्यालयों में होने वाले ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, नए विचार साझा करने तथा वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक संवाद स्थापित करने का अवसर प्रदान करते हैं। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना आवश्यक है।

कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय का शताब्दी वर्ष शैक्षणिक उपलब्धियों और नए संकल्पों का प्रतीक है। ICMRP-2026 के माध्यम से विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों को एक साझा मंच मिला है। ऐसे आयोजन उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ शोध की नई संभावनाओं को भी प्रोत्साहित करते हैं।

सम्मेलन के तीनों दिनों में देश-विदेश से आए शोधार्थियों ने सतत विकास, नवाचार, विज्ञान, शिक्षा, तकनीक और विभिन्न समसामयिक विषयों पर अपने शोध निष्कर्ष एवं विचार प्रस्तुत किए। सम्मेलन के दौरान शोधपत्र प्रस्तुति, पोस्टर प्रतियोगिता और वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता आयोजित की गईं। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों को अतिथियों ने पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

सम्मेलन के संयोजक डॉ. मोनिका अस्थाना, डॉ. रवि शेखर और डॉ. प्रतिभा मिश्रा रहे। फार्मेसी विभाग की डॉ. स्वेतलाना, सह सचिव डॉ. गौरव रजौरिया, जीव विज्ञान विभाग के डॉ. अजीत चाहर, नीलम ग्रुप्स के पवन सिंह तथा कौशांबी फाउंडेशन के तुषार चौधरी, योशिल, कृष्णा शर्मा, यतिन वर्मा और ट्विंकल दीक्षित ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समारोह का मंच संचालन डॉ. स्वेतलाना ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन लक्ष्य चौधरी ने प्रस्तुत किया। अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, सहयोगी संस्थानों, शोधार्थियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

SP_Singh AURGURU Editor