औषधि विभाग में बड़ी सख्ती, दवा निगरानी पर शासन की पैनी नजर, आगरा से ड्रग इंस्पेक्टर हटाए गए
आगरा। आगरा में तैनात औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा के खिलाफ शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। बिना किसी प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा कराए उन्हें तत्काल प्रभाव से सहारनपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से न केवल विभागीय हलकों में हलचल मच गई है, बल्कि इसे औषधि विभाग में सख्त निगरानी और जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
आगरा। आगरा में तैनात औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा के खिलाफ शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। बिना किसी प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा कराए उन्हें तत्काल प्रभाव से सहारनपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से न केवल विभागीय हलकों में हलचल मच गई है, बल्कि इसे औषधि विभाग में सख्त निगरानी और जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सचिव की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी को नई तैनाती स्थल पर तुरंत कार्यभार ग्रहण करना होगा। इस आदेश के बाद आगरा में औषधि निरीक्षक का पद फिलहाल रिक्त हो गया है, जिससे दवाओं की जांच और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विभागीय सूत्रों की मानें तो यह कदम महज स्थानांतरण नहीं, बल्कि कार्यप्रणाली में कसावट लाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हाल के दिनों में औषधि विभाग पर बढ़ती निगाहों के बीच यह कार्रवाई शासन के सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
हालांकि आगरा में अभी तक किसी नए औषधि निरीक्षक की तैनाती नहीं की गई है। इस संबंध में सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि उन्हें फिलहाल किसी नई नियुक्ति की कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
इस प्रशासनिक फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आगरा में दवाओं की गुणवत्ता जांच, मेडिकल स्टोर्स की निगरानी और औषधि नियंत्रण की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अस्थायी या वैकल्पिक इंतजाम कब और कैसे किए जाएंगे। फिलहाल, सभी की निगाहें शासन की अगली कार्रवाई और संभावित नई तैनाती पर टिकी हुई हैं।