बरेली में ड्रग रैकेट का भंडाफोड़: दो लड़कियां गिरफ्तार, हेरोइन, अफीम और हाईटेक गैजेट्स बरामद
बरेली। मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बरेली यूनिट ने अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में असम निवासी तस्कर प्रियंका दास और उसकी सहयोगी बरेली निवासी सिमरन कौर को गिरफ्तार किया गया है।
प्रियंका दास के पास से 211 ग्राम हेरोइन, 71,120 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई। पूछताछ में प्रियंका की निशानदेही पर सिमरन कौर के संजयनगर स्थित घर पर छापा मारा गया, जहां से 265 ग्राम अफीम, एक अवैध तमंचा, एक बोतल हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एक बिटकॉइन माइनिंग मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, लैपटॉप, आईपैड, मोबाइल फोन समेत हाईटेक गैजेट्स बरामद किए गए।
इसके अलावा अफीम की तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट डिज़ायर कार (यूके-06 एजे-0492) को भी जब्त किया गया, जो सिमरन के भाई गुरप्रीत उर्फ गोपी के नाम पर पंजीकृत है।
प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के तार नागालैंड और पूर्वोत्तर भारत से जुड़े हैं। उन्हें नागालैंड पुलिस से सूचना मिली थी कि विमोल करमाकर नामक ड्रग तस्कर द्वारा बरेली में एक खेप भेजी गई है। उसी के आधार पर तकनीकी सर्विलांस से लोकेशन ट्रेस कर दोनों महिलाओं को पकड़ा गया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराएं 8/18/21/29/60 और आम्र्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत थाना बारादरी में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह लखनऊ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक ड्रग नेटवर्क फैलाने में सक्रिय था। इस कार्रवाई को एएनटीएफ के उपनिरीक्षक विकास यादव के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।