लागातार हो रही भारी बारिश से आगरा में जनजीवन अस्त-व्यस्त, बाजार जलमग्न, सड़कों पर जाम
आगरा। सितंबर माह की शुरुआत के साथ ही आसमान से बरसते पानी ने शहर ही नहीं, ग्रामीण अंचल को भी बेहाल कर दिया है। लगातार चार दिनों से हो रही बारिश ने जहां शहर के तमाम हिस्सों को डुबो दिया, वहीं मुख्य मार्गों को तालाब बना दिया है। दुकानों में घुसा पानी व्यापारियों के लिए आफत बन गया है और यातायात ध्वस्त होकर शहरवासियों की मुसीबतें बढ़ा रहा है। शुक्रवार को दोपहर की लगभग एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने तो हालात और बिगाड़ दिए, जब शहर का अधिकांश हिस्सा जलमग्न हो गया।
दुकानों में घुसा पानी, लाखों का नुकसान
लगातार पानी गिरने से राजामंडी बाजार, रोशन मोहल्ला, दरेसी और सुभाष बाजार जैसे व्यस्ततम क्षेत्रों में पानी भर गया। इससे कारोबार पर विपरीत असर पड़ा। दुकानदार दिनभर अपनी दुकानें बचाने और सामान समेटने में ही लगे रहे। कई जगहों पर तो ग्राहक भी फंसे रहे और दुकानें बंद करनी पड़ीं।
मूसलाधार बारिश से डूबा शहर
शुक्रवार को दोपहर लगभग दो बजे से शुरू हुई बारिश करीब दो घंटे तक थमी नहीं। देखते ही देखते शहर के अधिकांश हिस्सों में 2-2 फीट तक पानी भर गया। एक घंटे तक तो बारिश बहुत तेज हुई जबकि एक घंटे तक हल्की बारिश चलती रही। जलभराव के कारण लोगों को अपने वाहन धक्का देकर निकालने पड़े। आसमान में छाए घने बादल इतने भारी थे कि दोपहर में ही अंधकार छा गया और वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।
यातायात पूरी तरह ठप, जाम में फंसे वाहन
खेरिया मोड़, अलबतिया रोड, अवधपुरी, शंकरगढ़ पुलिया, रामनगर, केदारनगर, रामबाग चौराहा, ट्रांसयमुना कॉलोनी, दौरेठा रोड, साकेत कॉलोनी, मारुति एस्टेट, मॉल रोड, एमजी रोड, चर्च रोड और तोता का ताल जैसे अधिकांश मार्गों पर जलभराव हो गया। मेट्रो निर्माण कार्य के बीच जलभराव ने एमजी रोड, माल रोड और हाईवे को भी ठप कर दिया। घंटों जाम में फंसे लोग परेशान रहे। कई गाड़ियां बीच सड़क पर बंद हो गईं। ऑटो और बाइक चालक कीचड़ व पानी में धंसकर निकलते रहे।
बच्चों ने खेल समझा, पर खतरा बड़ा
जलभराव वाले इलाकों में छोटे बच्चे पानी में तैरते और खेलते दिखाई दिए। हालांकि यह नज़ारा लोगों को हल्का-फुल्का लगा, मगर इससे संक्रमण और हादसों का खतरा पैदा हो सकता है। दूषित पानी के कारण डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का प्रसार भी तेज़ी से हो सकता है।
बारिश का नया रिकॉर्ड
मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 4 सितंबर के बीच आगरा में 12% बारिश दर्ज की गई है। जबकि 1 जून से 31 अगस्त तक कुल 26% बारिश हुई थी। यानी केवल इन चार दिनों में ही 12% वर्षा ने कुल बारिश के आंकड़े को 38% तक पहुंचा दिया। विभाग का कहना है कि फिलहाल मौसम में सुधार के कोई संकेत नहीं हैं और अगले कुछ दिनों तक रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है।
प्रशासन अलर्ट पर, मगर हालात बेकाबू
नगर निगम और प्रशासन की ओर से जलभराव निपटाने के लिए पंपिंग सेट लगाए गए हैं, मगर भारी बारिश के सामने व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि नालों की सफाई समय पर न होने से हालात और बिगड़े हैं। कई कॉलोनियों में बिजली तक काटनी पड़ी, जिससे लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी।