यमुना की बाढ़ से ताजगंज में विद्युत शवदाह गृह और कैलाश मंदिर बंद, हजारों लोग प्रभावित

आगरा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते खतरे के निशान से करीब 2.3 फ़ीट ऊपर पहुंच चुका है, जिससे दर्जनों गांव और शहरी कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं। कई गांवों में चार-पांच फुट पानी भर गया है और फसलें तबाह हो चुकी हैं। ताजगंज स्थित विद्युत शवदाह गृह और कैलाश मंदिर जनता के लिए बंद कर दिए गए हैं, जबकि महालक्ष्मी मंदिर में भी प्रशासन ने फिलहाल प्रवेश रोक दिया है। बाढ़ में फंसे लगभग पांच-छह हजार लोग पलायन कर गए हैं और प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। यमुना का जलस्तर हर घंटे करीब 10 सेंटीमीटर बढ़ रहा है और विद्युत आपूर्ति कई प्रभावित क्षेत्रों में बंद कर दी गई है।

Sep 9, 2025 - 22:12
Sep 9, 2025 - 22:27
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यमुना की बाढ़ से ताजगंज में विद्युत शवदाह गृह और कैलाश मंदिर बंद, हजारों लोग प्रभावित
आगरा में यमुना की बाढ़ की कुछ तस्वीरें।

हर एक घंटे में बढ़ते जलस्तर से यमुना ने विकराल रूप धारण कर लिया है। दर्जनों गांव और शहरी क्षेत्र की कई कालोनियां जलमग्न हो गई हैं। कई गांवों में चार-पांच फुट पानी भर गया है। फसलें तबाह हो चुकी हैं। ताजगंज स्थित विद्युत शवदाह गृह और कैलाश मंदिर को जनता के लिए बंद कर दिया गया है। 

दिल्ली और गोकुल बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से आगरा में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 2.3 फ़ीट ऊपर पहुंच चुका है। यमुना के तटवर्ती दर्जनों कॉलोनियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। शहर में ताजगंज मोक्षधाम वाली सड़क, बेलनगंज, भैंरो गली, हाथीघाट, दयालबाग, मनोहरपुर, बल्केश्वर, यमुना पार क्षेत्र की कॉलोनियों आदि में सड़क पर पानी पहुंच गया है। कैलाश गांव टापू में तब्दील हो गया है।

बाढ़ में फंसे लगभग पांच-छह हजार लोग पलायन कर गए हैं। प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में भी लोग शरण ले रहे हैं। इधर यमुना का जलस्तर हर घंटे 10 सेंटीमीटर बढ़ रहा है। भयावह बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन ने लोगों की मदद के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। एनडीआरएफ को भी तैनात कर दिया गया है। जिन क्षेत्रों में पानी घुस आया है, वहां की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है।

शहर के सबसे बड़े मोक्षधाम के रास्ते में भी पानी भर गया है। अंतिम संस्कार करने के लिए लोग अब काफी कम पहुंच रहे हैं।पानी भरने की वजह से विद्युत श‌वदाह गृह की लाइट काट दी गई है। जिसकी वजह से विद्युत शवदाह गृह पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अभी लकड़ी की टाल तक पानी नहीं पहुंचा है। इसी टाल के आगे की तरफ 9 प्लेटफॉर्म बने हुए हैं, जहां इस समय अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं।

बल्केश्वर स्थित महालक्ष्मी मंदिर में कल हुए हादसे के बाद प्रशासन ने फिलहाल मंदिर में लोगों का प्रवेश बंद कर दिया है। मंदिर के गेट के बाहर पुलिस बैठा दी गई है। गेट के बाहर ताला लगा दिया गया है। किसी को मंदिर के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। जो भी भक्त श्रद्धालु आ रहे हैं, वे बाहर से ही हाथ जोड़कर पूजा कर जा रहे हैं।

सपा नेता शब्बीर अब्बास ने की बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शब्बीर अब्बास ने बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जमुना किनारा और कृष्णा कॉलोनी क्षेत्रों में जाकर स्थानीय लोगों से उनकी परेशानियों की जानकारी ली और समस्याओं को सुना। बाढ़ और जाम की समस्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने जनता से धैर्य और सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक बाढ़ का पानी सड़कों पर भरा है, लोग कार की बजाय मोटरसाइकिल, स्कूटर और साइकिल का प्रयोग करें। इससे जाम से राहत मिलेगी, एम्बुलेंस में फँसे गंभीर मरीज़ों को रास्ता मिलेगा और प्रदूषण से भी बचाव होगा।

श्री अब्बास ने प्रशासन से मांग की कि शहर में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले भारी वाहनों को चारों कोनों पर रोका जाए और केवल आवश्यक वाहनों को ही अंदर आने दिया जाए। साथ ही जिन स्थानों पर पानी जमा है वहाँ पंप लगाकर तुरंत निकासी कराई जाए, ताकि बाद में बीमारियों का ख़तरा न बढ़े।

SP_Singh AURGURU Editor