रॊबर्ट वाड्रा से ईडी ने लगातार दूसरे दिन की पूछताछ, प्रियंका गांधी रहीं साथ
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक पुराने जमीन सौदे के सिलसिले में लगातार दूसरे दिन बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होकर पूछताछ का सामना किया। यह मामला हरियाणा के मानेसर-शिकोहपुर इलाके में वर्ष 2008 में स्काईलाइट हॊस्पिटेलिटी प्राइवेल लिमिटेड द्वारा खरीदी गई 3.5 एकड़ भूमि से संबंधित है, जिसे बाद में 2012 में डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेचा गया था।
ईडी की पूछताछ से पहले वाड्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, मैं अन्यायपूर्ण दबाव से नहीं डरता। मेरा भरोसा सच पर है, और मुझे विश्वास है कि अंत में सत्य की ही जीत होगी। वाड्रा एक बजे बाद प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर से बाहर आ गए थे।
वाड्रा ने पूछताछ के लिए जाने से पूर्व आरोप लगाया कि उनके "बर्थडे वीक सेवा कार्यक्रम" को सरकार द्वारा रोका गया, जिसमें वे बुजुर्गों को खाना और बच्चों को तोहफे देने की योजना चला रहे थे। वाड्रा ने कहा, मेरी सेवा कुछ दिन के लिए बाधित की गई है, लेकिन मैं रुकने वाला नहीं। लोगों की सेवा जारी रहेगी।
ईडी ने वाड्रा को पहले 8 अप्रैल को समन भेजा था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हो सके। इसके बाद उन्हें 15 और 16 अप्रैल को दोबारा बुलाया गया। वाड्रा इस मामले में अब तक 15 से अधिक बार पूछताछ का सामना कर चुके हैं और करीब 23,000 दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंप चुके हैं।
इस दौरान उनकी पत्नी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी उनके साथ ED कार्यालय पहुंचीं। हालांकि प्रियंका ने मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनकी मौन उपस्थिति को पति के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
रॉबर्ट वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, हम किसी से डरते नहीं हैं। जब मैं जनता के मुद्दों पर बोलता हूं या राजनीति में कदम रखने की बात करता हूं, तो मुझे दबाने की कोशिश होती है।