पिता की मौत के बाद पढ़ाई पर संकट, डीएम ने छात्रा की सुनी गुहार; सात दिन में एक लाख की मदद और मुफ्त बस पास

आजमगढ़। पिता के निधन के बाद आर्थिक संकट से जूझ रही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्रा की पढ़ाई पर संकट खड़ा हुआ तो उसने जिलाधिकारी के जनता दरबार में मदद की गुहार लगाई। छात्रा ने रोजाना बस का किराया जुटाने में असमर्थता जताते हुए नि:शुल्क यात्रा पास की मांग की। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने न केवल तत्काल रोडवेज से उसका नि:शुल्क एमएसटी पास बनवाने की व्यवस्था कराई, बल्कि करीब सात दिन बाद छात्रा को उच्च शिक्षा और किताबों के लिए एक लाख रुपये का चेक भी सौंपा।

Sep 3, 2026 - 13:22
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पिता की मौत के बाद पढ़ाई पर संकट, डीएम ने छात्रा की सुनी गुहार; सात दिन में एक लाख की मदद और मुफ्त बस पास
छात्रा मेनका को एक लाख रुपये का चेक प्रदान करते डीएम रविंद्र कुमार।

बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के खानपुर फतेह गांव निवासी मेनका प्रजापति के पिता अमरजीत प्रजापति का कुछ समय पहले निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। मेनका आजमगढ़ शहर जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं, लेकिन रोजाना आने-जाने का बस किराया परिवार के लिए भारी पड़ रहा था। आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति बन गई थी।

मेनका अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के जनता दरबार पहुंचीं। उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि बस का किराया वहन करना मुश्किल हो रहा है और इसके कारण शहर जाकर पढ़ाई जारी रखना चुनौती बन गया है। छात्रा ने पढ़ाई जारी रखने के लिए नि:शुल्क एमएसटी पास उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

छात्रा की समस्या सुनने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल रोडवेज के एआरएम से संपर्क किया और मेनका के लिए नि:शुल्क यात्रा पास की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने छात्रा को भरोसा दिलाया कि उसकी पढ़ाई में हरसंभव मदद की जाएगी।

करीब सात दिन बाद जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से मेनका के परिवार को कलेक्ट्रेट बुलाया गया। यहां जिलाधिकारी ने मेनका को उच्च शिक्षा और किताबों के लिए एक लाख रुपये का चेक सौंपा। इस सहायता से आर्थिक संकट के बीच मेनका की पढ़ाई जारी रखने का रास्ता आसान हुआ है।

मेनका की मां सरिता देवी ने जिलाधिकारी की पहल के लिए आभार जताया। परिवार का कहना है कि कठिन आर्थिक परिस्थितियों में मिली इस सहायता से मेनका की पढ़ाई जारी रखने की उम्मीद मजबूत हुई है।

मेनका ने कहा कि उसे इतनी जल्दी मदद मिलने की उम्मीद नहीं थी। अब वह आर्थिक चिंता से मुक्त होकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करेगी और अपने लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास करेगी।

SP_Singh AURGURU Editor